देश की खबरें | ग्वालियर में दिव्यांगों के लिए अगले साल तक तैयार होगा पहला राष्ट्रीय खेल प्रशिक्षण केंद्र: मंत्री

इंदौर, 15 सितंबर केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने बृहस्पतिवार को कहा कि पैरालम्पिक खेलों में देश की सफलता का ग्राफ बढ़ाने के लिए मध्यप्रदेश के ग्वालियर में दिव्यांगों के लिए अपनी तरह का पहला राष्ट्रीय खेल प्रशिक्षण केंद्र अगले साल तक बनकर तैयार हो जाएगा।

कुमार ने इंदौर में संवाददाताओं से कहा,‘‘दिव्यांग लोगों में खेल-कूद की अद्भुत प्रतिभा छिपी होती है और केंद्र सरकार इसे निखारना चाहती है। हम ग्वालियर में करीब 170 करोड़ रुपये की लागत से दिव्यांगों के लिए अपनी तरह का पहला राष्ट्रीय खेल प्रशिक्षण केंद्र बना रहे हैं।’’

उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 तक बनकर तैयार होने वाले इस आवासीय केंद्र में दिव्यांगों की ओर से खेले जाने वाले हर खेल के प्रशिक्षण की सुविधा होगी। कुमार ने उम्मीद जताई कि दिव्यांग खिलाड़ियों के बेहतर प्रशिक्षण के बाद पैरालम्पिक खेलों में देश ज्यादा पदक जीतेगा।

केंद्रीय मंत्री ने कहा,‘‘पहले पैरालम्पिक खेलों में भाग लेने वाले भारतीय खिलाड़ियों की तादाद बहुत कम होती थी। लेकिन तोक्यो में वर्ष 2020 के दौरान आयोजित पिछले पैरालम्पिक खेलों में 54 भारतीय खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था और देश के लिए 19 पदक जीते थे।’’

कुछ ऑनलाइन खेलों की लत के चलते लोगों के मानसिक स्वास्थ्य पर पड़े बुरे असर से आत्महत्या की बढ़ती घटनाओं पर उन्होंने कहा कि केंद्र द्वारा समय-समय पर राज्य सरकारों से बात करके ऐसे वाकये रोकने के साझा उपायों पर चर्चा की जाती है।

संवाददाताओं के साथ बातचीत से पहले, कुमार ने कानूनों और सरकारी नीतियों के जरिये दिव्यांगों के प्रति संवेदना बढ़ाने पर केंद्रित दो दिवसीय कार्यशाला का इंदौर में उद्घाटन किया। समारोह में उनके विभाग के दो राज्य मंत्रियों- रामदास आठवले और प्रतिमा भौमिक ने भी शिरकत की।

सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की आयोजित कार्यशाला में दिव्यांग जनों, केंद्र व राज्य के सरकारी अफसरों और विषय विशेषज्ञों के साथ विचार मंथन किया जा रहा है।

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