देश की खबरें | पहले मतदाता हैं, उसके बाद पार्टी: हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस के पूर्व विधायकों ने कहा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. हिमाचल प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार के पक्ष में मतदान करने के बाद मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की लगातार आलोचना का सामना कर रहे और कांग्रेस से अयोग्य ठहराए गए विधायकों ने विधानसभा उपचुनाव में भाजपा उम्मीदवार के तौर पर करारा जवाब देने का संकल्प लिया है।
शिमला, 27 मई हिमाचल प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार के पक्ष में मतदान करने के बाद मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की लगातार आलोचना का सामना कर रहे और कांग्रेस से अयोग्य ठहराए गए विधायकों ने विधानसभा उपचुनाव में भाजपा उम्मीदवार के तौर पर करारा जवाब देने का संकल्प लिया है।
कांग्रेस के तत्कालीन छह विधायकों - राजिंदर राणा (सुजानपुर), सुधीर शर्मा (धर्मशाला), रवि ठाकुर (लाहौल-स्पीति), इंदर दत्त लखनपाल (बड़सर), चैतन्य शर्मा (गगरेट) और देविंदर कुमार भुट्टो (कुटलैहड़) ने 27 फरवरी को भाजपा के राज्यसभा उम्मीदवार हर्ष महाजन के पक्ष में मतदान किया था।
इसके दो दिन बाद उन्हें विधानसभा में उपस्थित रहने और सरकार के पक्ष में मतदान करने के पार्टी व्हिप का उल्लंघन करने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया गया था। ये बागी विधायक बाद में भाजपा में शामिल हो गए और पार्टी ने उन्हें उनकी संबंधित विधानसभा सीट से उपचुनाव के लिए टिकट दिया है।
भाजपा के पक्ष में मतदान करने के बाद से सुक्खू इन नेताओं की लगातार आलोचना कर रहे है। उन्होंने पार्टी के इन छह पूर्व विधायकों को कांग्रेस को अस्थिर करने की कोशिश करने वाले ‘‘काले नाग’’ की संज्ञा दे दी। इन पूर्व विधायकों को ‘‘बिके हुए’’ करार देते हुए मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि ये नेता ‘‘सम्मान’’ नहीं, ‘‘ब्रीफकेस’’ के भूखे हैं।
सुक्खू ने यह भी आरोप लगाया है कि छह बागी नेताओं को अपने वोट बेचने के लिए 15-15 करोड़ रुपये मिले थे।
कांग्रेस के पूर्व विधायकों ने कहा, ‘‘जिन मतदाताओं ने हमें चुना है, हमारे लिए वे पहले हैं और फिर पार्टी है। अगर मुख्यमंत्री के पास कोई सबूत है तो उन्हें अनावश्यक टिप्पणी करके लोगों को गुमराह करने के बजाय कार्रवाई करनी चाहिए।’’
इन बागी नेताओं ने ‘पीटीआई-’ से कहा कि अपने मतदाताओं की अपेक्षाओं को पूरा करना उनकी प्राथमिकता है।
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