विदेश की खबरें | घातक हमले के बाद इजराइल और गाजा उग्रवादियों के बीच गोलीबारी
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

लड़ाई की शुरुआत शुक्रवार के हमले के साथ हुई जिसमें फलस्तीनी इस्लामिक जिहाद के एक वरिष्ठ कमांडर मारा गया। इजराइल और हमास ने पिछले 15 वर्षों में चार युद्ध और कई छोटी लड़ाइयां लड़ी हैं, जिसकी कीमत 20 लाख फलस्तीनी निवासियों को चुकानी पड़ी है।

शनिवार दोपहर से कुछ समय पहले इस्राइली युद्धक विमानों ने हवाई हमले तेज कर दिए। फोन कॉल के जरिये निवासियों को चेतावनी देने के बाद, ये लड़ाकू विमान गाजा शहर के एक आवासीय क्षेत्र में इस्लामिक जिहाद सदस्य के घर पर दो बम गिराए, जिससे दो मंजिला संरचना समतल हो गई और आसपास के घर भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गये।

महिलाएं और बच्चे क्षेत्र से बाहर निकल आए, और कोई हताहत नहीं हुआ। ध्वस्त घर के बगल में रहने वाले हुदा शामलख ने कहा, ‘‘हमे चेतावनी दी? उन्होंने हमें रॉकेट से चेतावनी दी और हम बिना कुछ लिए भागे । लक्षित घर में 15 लोग रहते थे।’’

एक और हवाई हमला पास के एक इस्लामिक जिहाद केंद्र पर हुआ। गाजा के उग्रवादियों ने हर आधे घंटे में दक्षिणी इस्राइल पर रॉकेटों को दागना जारी रखा। हालांकि, किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है।

गाजा मैदान में इकलौता बिजली संयंत्र ईंधन की कमी के कारण शनिवार दोपहर में ठप हो गया, क्योंकि इजरायल ने मंगलवार से गाजा में अपने क्रॉसिंग पाइंट को बंद कर दिया है। अत्यधिक गर्मी के बीच शटडाउन से बिजली संकट गहरा गया है।

नए व्यवधान के साथ गाजा के लोगों को एक दिन में केवल चार घंटे बिजली मिल रही है, जिससे निजी जनरेटर पर लोगों की निर्भरता बढ़ी है।

इजराइल-गाजा हिंसा का नवीनतम दौर इस सप्ताह वेस्ट बैंक में एक वरिष्ठ इस्लामिक जिहाद नेता की गिरफ्तारी से शुरू हुआ। सुरक्षा खतरे का हवाला देते हुए, इजराइल ने तब गाजा पट्टी के आसपास की सड़कों को सील कर दिया और शुक्रवार को एक लक्षित हमले में उत्तरी गाजा के लिए इस्लामिक जिहाद के कमांडर तैसीर अल-जबारी को मार गिराया।

एक इजरायली सैन्य प्रवक्ता ने कहा कि हमले टैंक रोधी मिसाइलों से लैस दो आतंकवादियों के कारण उत्पन्न ‘खतरे’ के जवाब में किये गये।

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