देश की खबरें | विधायक वसावा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज, 'आप' का भाजपा पर 'आदिवासी विरोधी मानसिकता' का आरोप
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. आम आदमी पार्टी (आप) ने शनिवार को आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की "मानसिकता आदिवासी विरोधी" है। पार्टी ने कहा कि गुजरात पुलिस की ओर से उसके विधायक चैतर वसावा के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी सत्तारूढ़ दल द्वारा रची गई एक साजिश है।
अहमदाबाद, चार नवंबर आम आदमी पार्टी (आप) ने शनिवार को आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की "मानसिकता आदिवासी विरोधी" है। पार्टी ने कहा कि गुजरात पुलिस की ओर से उसके विधायक चैतर वसावा के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी सत्तारूढ़ दल द्वारा रची गई एक साजिश है।
गुजरात के नर्मदा जिले की डेडियापाड़ा पुलिस ने इस हफ्ते की शुरुआत में वन विभाग के कुछ अधिकारियों को धमकी देने और पिस्तौल से हवा में एक गोली चलाने के आरोप में 'आप' विधायक वसावा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
पुलिस कार्रवाई के विरोध में आदिवासी बहुल डेडियापाड़ा कस्बे में बाजार शनिवार दोपहर बंद रहे। आदिवासी समुदाय से संबद्ध वसावा गुजरात विधानसभा में 'आप' विधायक दल के नेता हैं।
घटना के बाद से वसावा फरार हैं, जबकि उनकी पत्नी, निजी सचिव और एक अन्य व्यक्ति को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। अदालत ने तीनों गिरफ्तार आरोपियों को शनिवार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
कथित घटना 30 अक्टूबर को वसावा के डेडियापाड़ा स्थित आवास पर हुई थी।
'आप' के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में आरोप लगाया कि भाजपा (सरकार) ने वसावा के खिलाफ झूठा मामला दर्ज किया है। उन्होंने कहा, "जब 'आप' ने आदिवासी समुदाय के एक बेटे को आगे बढ़ाया, तो भाजपा इसे बर्दाश्त नहीं कर सकी। पूरा आदिवासी समुदाय भाजपा से इसका हिसाब मांगेगा। भाजपा ने यह हमला चैतर वसावा पर नहीं, बल्कि पूरे आदिवासी समुदाय पर किया है।"
वहीं, अहमदाबाद में मीडिया से बातचीत में 'आप' की गुजरात इकाई के नेता इसुदन गढ़वी ने दावा किया कि प्राथमिकी झूठी शिकायत के आधार पर दर्ज की गई है और वसावा को उनकी बढ़ती लोकप्रियता के कारण निशाना बनाया जा रहा है।
गढ़वी ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई भाजपा के इशारे पर रची गई साजिश का हिस्सा है, जो ‘आदिवासी विरोधी मानसिकता’ से ग्रस्त है।
उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा आदिवासी समुदाय के लिए कभी भी योजनाएं लागू नहीं होने देती है। पार्टी ने आदिवासी समुदाय को वनवासी कहकर अपमानित किया है। भाजपा नहीं चाहती कि कोई आदिवासी नेता आगे बढ़े। आदिवासी समुदाय के विकास की बहुत कम योजनाएं लोगों तक पहुंच पाती हैं।"
गढ़वी ने आरोप लगाया, "जब चैतर भाई ने आदिवासी समुदाय के लिए आवाज उठाई, तो भाजपा ने उन्हें झूठी साजिश में फंसा दिया।"
उन्होंने कहा कि वन विभाग के कर्मियों द्वारा उस भूमि पर बोई गई कपास की फसल काटने के बाद कुछ स्थानीय लोगों ने वसावा से संपर्क किया था, जिसके लिए किसानों के पास वन अधिकार अधिनियम के तहत स्वामित्व प्रमाण पत्र थे।
गढ़वी ने दावा किया कि विधायक ने प्रभावित किसानों और वन विभाग के कर्मचारियों की एक बैठक आयोजित करके इस मुद्दे को हल करने का प्रयास किया था।
उन्होंने कहा कि वन अधिकारी इस शर्त पर किसानों के नुकसान की भरपाई करने को राजी हो गए थे कि किसान उनके खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं करेंगे।
गढ़वी ने दावा किया, "बाद में वन विभाग के कर्मचारियों ने एक साजिश के तहत दबाव में आकर डेडियापाड़ा थाने में शिकायत दर्ज कराई। मुआवजे के तौर पर जो रकम देने की बात तय हुई थी, उसे प्राथमिकी में रंगदारी के तौर पर बताया गया है।"
उन्होंने कहा कि वसावा के हवा में गोली चलाने का आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद है, क्योंकि पुलिस को पिस्तौल से कारतूस बरामद नहीं हुए हैं।
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(The above story first appeared on LatestLY on Nov 04, 2023 08:02 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

