देश की खबरें | दलित महिला स्वास्थ्यकर्मी से छेड़खानी के मामले में डिप्टी सीएमओ समेत छह के खिलाफ प्राथमिकी
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दलित महिला स्वास्थ्यकर्मी के साथ छेड़खानी के मामले में अदालत के आदेश पर गौरीबाजार थाना पुलिस ने जिले के उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी (डिप्टी सीएमओ) समेत छह लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता और अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण (एससी-एसटी एक्ट) अधिनियम के प्रावधानों में मामला दर्ज किया है। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी।
देवरिया (उत्तर प्रदेश), पांच मार्च दलित महिला स्वास्थ्यकर्मी के साथ छेड़खानी के मामले में अदालत के आदेश पर गौरीबाजार थाना पुलिस ने जिले के उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी (डिप्टी सीएमओ) समेत छह लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता और अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण (एससी-एसटी एक्ट) अधिनियम के प्रावधानों में मामला दर्ज किया है। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी।
पुलिस सूत्रों ने बताया, बैतालपुर कस्बे में स्थित स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात एएनएम चांदनी सिंह, उनके पति बृजभूषण सिंह, डिप्टी सीएमओ डॉ बीबी सिंह और तीन अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग में ही तैनात एक दलित महिला कर्मचारी ने शिकायत दर्ज कराई है।
सूत्रों ने बताया कि शिकायत के आधार पर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश (अनुसूचित जाति जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम) छाया नैन की अदालत ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर, उसकी जांच करने का आदेश दिया है।
गौरी बाजार थाने के प्रभारी नवीन सिंह ने इस संबंध में बताया कि अदालत के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज करके आगे की कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, स्वास्थ्य विभाग में काम करने वाली एक दलित महिला कर्मचारी ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि 24 मई, 2022 की शाम करीब साढ़े सात बजे ड्यूटी के दौरान एक अन्य महिला सहकर्मी चांदनी सिंह और उसके पति बृजभूषण सिंह ने उसके साथ दुर्व्यवहार किया, धमकियां दी और जातिसूचक गालियां दी।
तहरीर में पीड़िता ने आरोप लगाया है कि तीन जून, 2022 को शाम को करीब चार बजे डिप्टी सीएमओ सिंह ने उसके साथ बदतमीजी तथा छेड़खानी की।
पीड़िता के मुताबिक, उसने इस मामले में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) सहित अनेक अधिकारियों से शिकायत की और प्रार्थना पत्र भेजा, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अंतत: उसने थाना गौरी बाजार में प्रार्थना पत्र देकर पुलिस से कानूनी कार्रवाई की मांग की, लेकिन पुलिस ने भी कोई कार्रवाई नहीं की।
पीड़िता के अनुसार, उसने विवश होकर अदालत में धारा 156 (3) सीआरपीसी के तहत प्रार्थना पत्र दाखिल किया, जिस पर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश (अनुसूचित जाति जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम) छाया नैन की अदालत ने शनिवार को आरोपी व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की विवेचना करने का आदेश पारित किया है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)