विदेश की खबरें | प्रशांत क्षेत्र में तनाव के बीच चीन से सुरक्षा संबंधों पर पुनर्विचार कर रहा फिजी
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

वेलिंगटन में न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस हिप्किंस के साथ एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए राबुका ने कहा कि फिजी 2011 में चीन के साथ किए गए एक विवादास्पद पुलिस सहयोग समझौते की समीक्षा कर रहा है, जिसने चीन को फिजी में अपने पुलिस अधिकारियों की तैनाती करने की अनुमति दी थी।

राबुका ने कहा, ‘‘ अगर हमारे सिद्धांत और हमारे मूल्य अलग हैं, तो हमें उनसे क्या सहयोग मिलेगा? इसे (समझौते को) बरकरार रखने से पहले हमें इस पर पुनर्विचार करने की जरूरत है कि हम इस पर कायम रहे या नहीं... या फिर हम समान लोकतांत्रिक मूल्यों व प्रणालियों वालों के साथ सहयोग करके पहले की तरह इसे जारी रखें।’’

राबुका ने कहा कि फिजी न्यूजीलैंड के साथ एक रक्षा समझौते को अंतिम रूप दे रहा है और अगले सप्ताह इसे अंतिम रूप दिए जाने की उम्मीद है।

उन्होंने कहा कि नया समझौता फिजी की सेना के लिए न सिर्फ अपनी क्षमता व कौशल का विकास करने में मददगार होगा बल्कि उसे नयी तकनीकों से भी रूबरू कराएगा।

राबुका ने कहा कि प्रशांत क्षेत्र पर भू-राजनीतिक लिहाज से अधिक ध्यान केंद्रित किया जाता है, लेकिन ‘‘ जब कूटनीति और पड़ोसियों के बीच होने वाली चर्चा नाकाम हो जाती है’’, तब प्रशांत देश केवल सैन्यीकरण को लेकर चिंतित होते हैं।

फिजी ने 2013 में चीन के साथ पुलिस सहयोग समझौते का विस्तार किया था, जिसमें कुछ सैन्य सहयोग भी शामिल किए गए थे। हालांकि राबुका ने बुधवार को इस समझौते का प्रत्यक्ष तौर पर कोई जिक्र नहीं किया।

इससे पहले, चीन ने कहा था कि सुरक्षा समझौतों से फिजी को फायदा हुआ है और वह द्विपक्षीय सहयोग को जारी रखने की उम्मीद करता है।

राबुका, 16 साल से फिजी की सत्ता पर काबिज फ्रैंक बेनिमारामा को चुनाव में मात देकर पिछले साल दिसंबर में फिजी के प्रधानमंत्री बने थे। सत्ता में आने के बाद से वह बेनिमारामा की कई नीतियों को बदलने की कोशिश करते नजर आ रहे हैं, जिनमें चीन के साथ करीबी संबंध कायम करने के पूर्व प्रधानमंत्री के प्रयास भी शामिल हैं।

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