देश की खबरें | सड़कें क्षतिग्रस्त होने से मंडियों में फसल नहीं ले जा पाने से लाहौल-स्पीति के किसान परेशान

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति जिले में पिछले सप्ताह भारी बारिश और भूस्खलन के बाद सड़कों और पुलों के क्षतिग्रस्त होने से जिले के उदयपुर उपमंडल के 1500 से अधिक किसानों को इस साल अपनी पकी फसलों को 'मंडियों' तक ले जाने की चिंता सता रही है।

शिमला, तीन अगस्त हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति जिले में पिछले सप्ताह भारी बारिश और भूस्खलन के बाद सड़कों और पुलों के क्षतिग्रस्त होने से जिले के उदयपुर उपमंडल के 1500 से अधिक किसानों को इस साल अपनी पकी फसलों को 'मंडियों' तक ले जाने की चिंता सता रही है।

किसानों ने जिला प्रशासन से वाहनों की आवाजाही को सुविधाजनक बनाने के लिए सड़कों की मरम्मत करने या कम से कम 'कच्ची' सड़कों का निर्माण करने का आग्रह किया है।

27 जुलाई को उदयपुर के तोजिंग नाले पर बादल फटने से लाहौल-स्पीति में अचानक आई बाढ़ में कम से कम सात लोगों की मौत हो गई। भूस्खलन के कारण कई सड़कें भी अवरुद्ध हो गईं।

एक किसान और त्रिलोकीनाथ मंदिर के 'करदार' (इसकी प्रबंधन समिति के मुख्य न्यासी) बीर बहादुर सिंह ने कहा कि तोजिंग नाले पर बादल फटने से सड़कें क्षतिग्रस्त हो जाने के बाद कई टन पके मटर, फूलगोभी, ब्रोकोली, पत्तागोभी और लिलियम के फूल हर दिन नष्ट हो रहे हैं क्योंकि किसान उन्हें 'मंडियों' तक नहीं ले जा पा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि उदयपुर के किसान राज्य की बंद्रोल, मनाली, भुंतर और टकोली मंडियों और पंजाब, चंडीगढ़ और दिल्ली की विभिन्न मंडियों में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कृषि व्यापारियों के माध्यम से अपनी फसल बेचते हैं।

एक महिला किसान भीम दासी ने प्रशासन से हाथ जोड़कर सड़कों की मरम्मत करने का आग्रह किया ताकि किसान अपनी फसल को 'मंडियों' तक ले जा सकें।

एक अन्य किसान चुडू राम ने पीटीआई- से कहा कि अगर किसानों की फसल मंडियों में नहीं पहुंची तो वे जाड़े में भूख से मर जाएंगे।

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