देश की खबरें | बठिंडा में किसानों ने सरकारी अधिकारी को पराली जलाने के लिए किया मजबूर
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. पंजाब के बठिंडा जिले में किसानों के एक समूह ने खेतों में आग लगाने से रोकने वाली टीम के एक सरकारी अधिकारी को कथित तौर पर धान की पराली के ढेर में आग लगाने के लिए मजबूर किया। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस घटना की निंदा की।
चंडीगढ़, चार नवंबर पंजाब के बठिंडा जिले में किसानों के एक समूह ने खेतों में आग लगाने से रोकने वाली टीम के एक सरकारी अधिकारी को कथित तौर पर धान की पराली के ढेर में आग लगाने के लिए मजबूर किया। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस घटना की निंदा की।
पूरी घटना का एक कथित वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया। मुख्यमंत्री मान ने कहा कि मामले में प्राथमिकी दर्ज करायी जायेगी।
बठिंडा के उपायुक्त (डीसी) शौकत अहमद पारे ने शनिवार को कहा कि उन्होंने अधिकारी को अपना कर्तव्य निभाने से रोकने के लिए किसानों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के वास्ते वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को लिखा है।
यह घटना शुक्रवार को मेहमा सरजा गांव में उस वक्त हुई, जब एक विशेष पर्यवेक्षक के नेतृत्व में एक दल पराली जलाने की घटनाओं की जांच करने वहां गया था।
डीसी ने कहा कि अधिकारी को एक किसान संगठन के प्रति निष्ठा रखने वाले 50-60 किसानों के एक समूह ने घेर लिया, उन्हें पास के एक खेत में ले गए और उन्हें पराली के ढेर में आग लगाने के लिए मजबूर किया।
वीडियो में किसानों को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि जो लोग पराली जलाने से रोकने आए थे, उनसे पराली में आग लगवा दी गई।
वीडियो में यह भी दिखाया गया है कि अधिकारी का हाथ दो किसानों ने पकड़ रखा था और वे उसे माचिस की तीली से पराली में आग लगाने के लिए मजबूर कर रहे थे। यह वीडियो किसानों में से एक ने बनाया था।
डीसी पारे ने कहा, “जब वह (अधिकारी) भीड़ से घिरा हुआ था, तो उसके पास क्या विकल्प था। उसके पास कोई रास्ता नहीं था।”
डीसी ने कहा कि मामले में प्राथमिकी दर्ज की जायेगी और घटना के लिए जो लोग भी जिम्मेदार होंगे, उन्हें जेल भेजा जायेगा।
उन्होंने कहा, “मैं खुद भी गांव का दौरा कर रहा हूं। हम इसे यूं ही नहीं जाने देंगे। अराजकता हम बर्दाश्त नहीं करेंगे।”
उन्होंने कहा कि वह पहले ही बठिंडा एसएसपी को लिख चुके हैं। उन्होंने यह भी कहा कि प्राथमिकी शनिवार को दर्ज की जाएगी।
सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में मुख्यमंत्री मान ने कहा, “प्रिय पंजाबियों, आप किस तरफ जा रहे हैं? सरकारी कर्मचारी धान की पराली न जलाने का संदेश लेकर गया था, लेकिन उससे आग लगवा दी गई...गुरु साहिब जी ने हवा को गुरु का दर्जा दिया है... इसे नष्ट करने के लिए अपने हाथों में माचिस लेकर हम अपने बच्चों के लिए ऑक्सीजन खत्म कर रहे हैं...प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।”
अक्टूबर और नवंबर में राष्ट्रीय राजधानी में वायु प्रदूषण के स्तर में खतरनाक वृद्धि के पीछे पंजाब और हरियाणा में धान की पराली जलाना एक प्रमुख कारण माना जाता है।
पंजाब रिमोट सेंसिंग सेंटर के आंकड़ों के मुताबिक, पंजाब में शुक्रवार तक पराली जलाने की कुल 12,813 घटनाएं दर्ज की गई हैं।
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