एजेंसी न्यूज

जरुरी जानकारी | मूंगफली को छोड़कर सभी तेल-तिलहन कीमतों में गिरावट

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. विदेशी बाजारों में गिरावट के रुख के बीच मंडियों में देशी खरीफ तिलहन फसलों की आवक बढ़ने से देश के थोक तेल-तिलहन बाजार में सोमवार को मूंगफली तेल-तिलहन को छोड़कर बाकी सभी (सरसों, सोयाबीन तेल-तिलहन, कच्चा पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तथा बिनौला) तेल के दाम में गिरावट दर्ज हुई।

जरुरी जानकारी | मूंगफली को छोड़कर सभी तेल-तिलहन कीमतों में गिरावट

नयी दिल्ली, 14 अक्टूबर विदेशी बाजारों में गिरावट के रुख के बीच मंडियों में देशी खरीफ तिलहन फसलों की आवक बढ़ने से देश के थोक तेल-तिलहन बाजार में सोमवार को मूंगफली तेल-तिलहन को छोड़कर बाकी सभी (सरसों, सोयाबीन तेल-तिलहन, कच्चा पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तथा बिनौला) तेल के दाम में गिरावट दर्ज हुई।

मलेशिया और शिकॉगो एक्सचेंज में गिरावट का रुख है।

बाजार के जानकार सूत्रों ने कहा कि मंडियों में सरसों की आवक 1.5 लाख बोरी से बढ़कर 3.5 लाख बोरी हो गई जबकि सोयाबीन की आवक बढ़कर सवा सात लाख बोरी हो गई। इसके अलावा विदेशी बाजारों में गिरावट का रुख रहने से अधिकांश तेल-तिलहन कीमतों में गिरावट आई। देशी खरीफ तिलहनों की आवक बढ़ने से भी आयातित खाद्य तेल कीमतों पर दबाव बना रहा।

सूत्रों ने कहा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से कम दाम पर बिक्री के कारण मूंगफली तेल-तिलहन में गिरावट रही। इस बीच, सरकार ने खाद्य तेलों की महंगाई को काबू में लाने के लिए राशन की दुकानों के माध्यम से सूरजमुखी तेल 121 रुपये लीटर और पामोलीन तेल 110 रुपये लीटर बेचने का फैसला किया है। उन्होंने सरकार के इस कदम को सही ठहराया और कहा कि यह कदम सरकार को पहले ही उठा लेना चाहिये था।

सूत्रों ने कहा कि गुजरात कपास संघ द्वारा सरकार से मिलावटी बिनौला खल पर अंकुश लगाने के लिए मांग किये जाने के बावजूद इस मिलावटी खल के कारोबार पर अंकुश लगता नहीं दिख रहा है। इसे रोकना बेहद जरूरी है क्योंकि इससे देश का कपास उत्पादन तो प्रभावित होगा ही, दुधारू मवेशियों को भी नुकसान पहुंचने का भी खतरा है। गुजरात में मिलावटी खल का भाव अब 3,000 रुपये से घटाकर 2,950 रुपये क्विंटल कर दिया गया है। जबकि शुद्ध बिनौला खल का भाव 4,000-4,200 रुपये क्विंटल है।

तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:

सरसों तिलहन - 6,600-6,650 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली - 6,375-6,650 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 15,100 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली रिफाइंड तेल - 2,285-2,585 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 13,775 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 2,165-2,265 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 2,165-2,280 रुपये प्रति टिन।

तिल तेल मिल डिलिवरी - 18,900-21,000 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 13,300 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 12,750 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 9,650 रुपये प्रति क्विंटल।

सीपीओ एक्स-कांडला- 12,100 रुपये प्रति क्विंटल।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 12,700 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 13,700 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन एक्स- कांडला- 12,500 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।

सोयाबीन दाना - 4,700-4,745 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन लूज- 4,400-4,635 रुपये प्रति क्विंटल।

मक्का खल (सरिस्का)- 4,225 रुपये प्रति क्विंटल।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

(The above story first appeared on LatestLY on Oct 14, 2024 09:32 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).