सरसों में गिरावट, मूंगफली दाना और उसके तेल की कीमतों में सुधार
जयपुर के वायदा कारोबार में सरसों के जुलाई अनुबंध का भाव 4,155 रुपये प्रति क्विन्टल बोला जा रहा था जो 4,425 रुपये के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से काफी कम है। बाजार सूत्रों के अनुसार कुछ बड़े व्यापारी और सट्टेबाज बिक्री के सीजन में जानबूझकर सरसों के भाव तोड़ रहे हैं। सरकार की ओर से सहकारी संस्था नाफेड एमएसपी पर किसानों के लगभग 20 प्रतिशत उपज की खरीद कर पाती है जबकि किसानों को अपना शेष माल खुले बाजार में औने-पौने दाम पर बेचने को मजबूर होना पड़ता है।
नयी दिल्ली, 10 मई एनसीडीईएक्स के वायदा कारोबार में सरसों का भाव न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से कम बोले जाने के कारण बीते सप्ताह सरसों के दाम टूट गये और बाजार में गिरावट का रुख कायम हो गया। मंडी में कम आवक की वजह से मूंगफली की कीमतों में आये सुधार को छोड़कर अधिकांश तेल-तिलहनों के भाव में गिरावट दर्ज हुई।
जयपुर के वायदा कारोबार में सरसों के जुलाई अनुबंध का भाव 4,155 रुपये प्रति क्विन्टल बोला जा रहा था जो 4,425 रुपये के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से काफी कम है। बाजार सूत्रों के अनुसार कुछ बड़े व्यापारी और सट्टेबाज बिक्री के सीजन में जानबूझकर सरसों के भाव तोड़ रहे हैं। सरकार की ओर से सहकारी संस्था नाफेड एमएसपी पर किसानों के लगभग 20 प्रतिशत उपज की खरीद कर पाती है जबकि किसानों को अपना शेष माल खुले बाजार में औने-पौने दाम पर बेचने को मजबूर होना पड़ता है।
बीते सप्ताहांत सरसों दाना (तिलहन फसल), सरसों दादरी, सरसों पक्की और कच्ची घानी तेलों की कीमतों में गिरावट आई। सरसों दाना (तिलहन फसल), सरसों दादरी की कीमतें क्रमश: 75 रुपये और 50 रुपये की हानि के साथ क्रमश: 4,300 रुपये और 4,350 रुपये प्रति क्विन्टल पर बंद हुई जबकि सरसों पक्की घानी और सरसों कच्ची घानी की कीमतें पांच-पांच रुपये की हानि के साथ क्रमश: 1,410-1,555 रुपये और 1,480-1,600 रुपये प्रति टिन पर बंद हुईं।
समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान एमएसपी से कम कीमत पर मंडी में फसल की आवक कम होने तथा स्थानीय मांग की वजह से केवल मूंगफली दाना सहित उसके तेलों की कीमतों में सुधार आया। मूंगफली दाना और मूंगफली गुजरात के भाव क्रमश: 50 रुपये और 500 रुपये सुधरकर क्रमश: 4,855-4,915 रुपये और 13,500 रुपये प्रति क्विन्टल पर बंद हुए। जबकि मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड का भाव भी 30 रुपये के सुधार के साथ 2,005-2,055 रुपये प्रति टिन पर बंद हुआ।
मांग कमजोर होने से सोयाबीन दिल्ली, सोयाबीन इंदौर और सोयाबीन डीगम के भाव भी पिछले सप्ताहांत के मुकाबले समीक्षाधीन क्रमश: 300 रुपये, 150 रुपये और 150 रुपये की हानि दर्शाते क्रमश: 8,500 रुपये, 8,500 रुपये और 7,500 रुपये प्रति क्विन्टल पर बंद हुए।
बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा) की कीमत भी 200 रुपये की गिरावट के साथ 7,600 रुपये प्रति क्विन्टल पर बंद हुई। गिरावट के आम रुख के अनुरूप सोयाबीन दाना और सोयाबीन लूज के भाव, पिछले सप्ताहांत के मुकाबले क्रमश: 50 रुपये और 25 रुपये की गिरावट के साथ समीक्षाधीन सप्ताहांत में क्रमश: 3,925-3,975 रुपये और 3,725-3,775 रुपये प्रति क्विन्टल पर बंद हुए।
बेहद कमजोर मांग होने के कारण वनस्पति घी समीक्षाधीन सप्ताहांत में 40 रुपये टूटकर 930-1,035 रुपये प्रति टिन (15 किग्रा) पर बंद हुआ, जबकि तिल मिल डिलिवरी का भाव 1,000 रुपये की गिरावट दर्शाता 10,000-13,500 रुपये रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ।
राजेश
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(The above story first appeared on LatestLY on May 10, 2020 10:31 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

