देश की खबरें | युवाओं को नौकरी का झांसा देकर ठगने वाला फर्जी कॉल सेंटर पकड़ा गया
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

बरेली (उप्र), 12 अगस्त कोविड—19 संकट के बीच रोजगार तलाश रहे युवाओं को झांसा देकर पैसे ऐंठने वाले फर्जी कॉल सेंटर के संचालक और 12 युवतियों को पुलिस ने पकड़ा है।

बरेली क्षेत्राधिकारी अभिषेक वर्मा ने बुधवार को बताया कि कॉल सेंटर पर काम करने वाली युवतियों के पास से दो दर्जन मोबाइल, लैपटाप और अन्य दस्तावेज बरामद हुए हैं। कॉल सेंटर के मंगलवार को गिरफ्तार किये गये संचालक प्रशांत भार्गव को बुधवार जेल भेज दिया गया है।

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वर्मा ने बताया कि युवतियों से अलग-अलग करके पूछताछ की गयी है। उन्हें ठगी के बारे में कोई जानकारी नहीं हैं। युवतियों को उनके परिजनों को सौंप दिया जाएगा।

क्षेत्राधिकारी के मुताबिक भार्गव ने पूछताछ के दौरान बताया कि तमिलनाडु, कर्नाटक, राजस्थान, आंध्र प्रदेश व अन्य राज्यों के युवाओं को फोन करने के लिए डाटा ‘नौकरी डाट काम’ से चोरी किया जाता था । नौकरी की तलाश करने वाले को ई—मेल मिलने के बाद फोन करके पूरा ब्यौरा लिया जाता था और उसके बाद उन्हें किसी नामी कंपनी में शैक्षिक योग्यता के आधार पर चुने जाने का नाटक किया जाता था ।

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वर्मा ने बताया कि सोमवार को बारादरी थाने पर फर्जी कॉल सेंटर की शिकायत आयी थी, जिसके बाद थाना प्रभारी शीतांशु शर्मा के नेतृत्व में मंगलवार छापा मारा गया । पूछताछ में सामने आया कि कॉल सेंटर संभल (उत्तर प्रदेश) का प्रशांत भार्गव नामक व्यक्ति शहर की पॉश कालोनी पवन विहार में किराये की बिल्डिंग में चला रहा है ।

उन्होंने बताया कि पुलिस को मौके से इंजीनियरिंग, मेडिकल के डिग्रीधारकों की नौकरी के संबंध में आवेदन के दस्तावेज सैकडों की संख्या में बरामद हुए । युवाओं को नौकरी देने वाली कंपनी द्वारा बाकायदा दस्तावेज सत्यापित करने की झूठी जानकारी दी जाती थी ।

वर्मा ने बताया कि नौकरी दिलाने के नाम पर युवाओं से 1800 रुपये से 2000 रुपये तक वसूले जाते थे । हिरासत में ली गयी युवतियां बरेली की ही रहने वाली हैं । युवतियों को 2000 रुपये महीने वेतन दिया जाता था और एक बेरोजगार को फंसाने पर 800 रुपये अतिरिक्त मिलते थे ।

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