देश की खबरें | फडणवीस को एचएसआरपी शुल्क के बारे में अधिकरियों ने गलत जानकारी दी: रोहित पवार

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) नेता रोहित पवार ने सोमवार को कहा कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को अधिकारियों ने हाई-सिक्योरिटी पंजीकरण प्लेट (एचएसआरपी) से जुड़े शुल्क के बारे में गलत जानकारी दी। उन्होंने दावा किया कि जिस कंपनी को ठेका दिया गया था वह एक घोटाले में संलिप्त थी।

मुंबई, तीन मार्च राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) नेता रोहित पवार ने सोमवार को कहा कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को अधिकारियों ने हाई-सिक्योरिटी पंजीकरण प्लेट (एचएसआरपी) से जुड़े शुल्क के बारे में गलत जानकारी दी। उन्होंने दावा किया कि जिस कंपनी को ठेका दिया गया था वह एक घोटाले में संलिप्त थी।

विधान भवन परिसर में संवाददाताओं से बात करते हुए पवार ने फडणवीस पर यह झूठ बोलने का आरोप लगाया कि उन्होंने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली पिछली सरकार द्वारा लिए गए फैसलों पर रोक नहीं लगाई है।

उन्होंने कहा कि फडणवीस और उनके उपमुख्यमंत्री कहते हैं कि राज्य में सब ठीक है, लेकिन इसी के बीच एक केंद्रीय मंत्री की बेटी को परेशान किया जाता है, एक पूर्व राज्य मंत्री के बेटे को बैंकॉक जाने से रोक दिया जाता है और उसकी विशेष उड़ान को वापस बुला लिया जाता है।

उन्होंने कहा कि सरकार कह रही है कि सब ठीक है लेकिन मारे गए मसाजोग के सरपंच संतोष देशमुख और परभणी में मारे गए सोमनाथ सूर्यवंशी के परिवार न्याय पाने का इंतजार कर रहे हैं।

राकांपा(शरदचंद्र पवार) ने दावा किया कि फडणवीस को उनके अधिकारियों ने एचएसआरपी के शुल्क के बारे में गलत जानकारी दी। पार्टी ने कहा कि गुजरात में दोपहिया वाहनों से प्लेट के लिए 160 रुपये लिए जा रहे थे, लेकिन महाराष्ट्र में कीमत 450 रुपये थी।

उन्होंने आगे आरोप लगाया कि गुजरात की एक कंपनी, जिसे एचएसआरपी का ठेका दिया गया था वह 2,000 करोड़ रुपये के घोटाले में शामिल है।

सरकार ने वाहन चोरी पर अंकुश लगाने और पहचान में एकरूपता लाने के लिए एक अप्रैल, 2019 से पहले पंजीकृत वाहनों के लिए एचएसआरपी अनिवार्य कर दिया था। विपक्षी दलों ने आरोप लगाया है कि इन नंबर प्लेट के लिए उच्च शुल्क लिया जा रहा था।

पवार ने आगे कहा कि मुख्यमंत्री को यह बताना चाहिए कि उन्होंने राज्य परिवहन बसों के पट्टे, ठाणे क्रीक सौंदर्यीकरण परियोजना, कृषि उपज खरीद और बीएमसी में 1,400 करोड़ रुपये की निविदा पर रोक क्यों लगाई और इसकी जांच का आदेश क्यों दिया।

उन्होंने दावा किया कि विशेष कार्य अधिकारियों की 16 नियुक्तियां रद्द कर दी गईं क्योंकि फडणवीस को रिपोर्ट मिली थी कि वे बिचौलिये थे। उन्होंने पूछा, ‘‘उन्हें कैसे पता चला कि वे ‘बिचौलिये’ थे, वे किन मंत्रियों के लिए काम करते थे और क्या कार्रवाई की गई?’’

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\