अहमदाबाद में व्यापक जांच के कारण कोविड-19 के अधिक मामले सामने आये: नेहरा
अहमदाबाद नगर निगम (एएमसी) क्षेत्र में कोविड-19 मामलों की संख्या अब दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े शहरी क्षेत्रों से थोड़ी ही कम है और इसमें 29 मौतें शामिल हैं।
अहमदाबाद, 19 अप्रैल गुजरात के अहमदाबाद जिले में कोविड-19 के मामले बढ़कर 1002 हो गए हैं तथा शहरी सीमा से 978 मामले सामने आये हैं। नगर आयुक्त विजय नेहरा ने रविवार को कहा कि मामलों में वृद्धि ‘‘अति सक्रिय निगरानी और व्यापक जांच’’ के कारण देखी गई है।
अहमदाबाद नगर निगम (एएमसी) क्षेत्र में कोविड-19 मामलों की संख्या अब दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े शहरी क्षेत्रों से थोड़ी ही कम है और इसमें 29 मौतें शामिल हैं।
नेहरा ने कहा कि अहमदाबाद नगर निगम क्षेत्र में लगभग 14,000 नमूनों की जांच की गई है जिसकी आबादी लगभग 80 लाख है। उन्होंने कहा कि इसमें से अधिकांश नमूने हॉटस्पॉट (संक्रमण से ज्यादा प्रभावित क्षेत्र) क्षेत्रों से एकत्रित किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि इस हिसाब से औसतन प्रति 10 लाख 2,490 जांच की गई, यह दिल्ली के मुकाबले ढाई गुना अधिक है, जहां प्रति 10 लाख 1,103 जांच की गई हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘हमने अतिसक्रिय निगरानी और व्यापक जांच की रणनीति अपनाई है, जिससे हमें आने वाले समय में इस बीमारी को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। शहर में बढ़ते मामलों को लेकर चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है।’’
नेहरा ने कहा, ‘‘हमारी स्वास्थ्य टीमें क्लस्टर क्षेत्रों में जांच कर रही हैं, लोगों की स्क्रीनिंग कर रही हैं और संदिग्ध मामलों के नमूने जांच के लिए भेज रही हैं। इससे हमें ऐसे मामलों का पता लगाने में मदद मिल रही है जिनमें कोई लक्षण सामने नहीं आये हैं। इससे संक्रमण फैलने की संभावना कम हो जाती है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘जोखिम कारक, निगरानी रणनीति और जांच दृष्टिकोण से मामलों की संख्या तय होती है। हम निगरानी और जांच को लेकर अतिसक्रिय और आक्रामक हैं। शहर में सामने आये 978 मामलों में से 70 प्रतिशत एएमसी द्वारा अपनाये गए ‘‘सक्रिय निगरानी’’ रणनीति के कारण हैं।’’
नेहरा ने कहा कि अन्य शहरों में इस वायरस को फैलने से रोकने के लिए यही रणनीति अपनानी होगी, 978 मामलों में से केवल 203 ही ऐसे मामले हैं जिनका पता किसी व्यक्ति द्वारा स्वयं डॉक्टर से संपर्क करके वायरस के लिए जांच किये जाने के बाद लगा।
नेहरा ने दावा किया कि आने वाले दिनों में मामलों की संख्या में कमी आएगी क्योंकि हॉटस्पॉट और कर्फ्यू वाले क्षेत्रों में 90 प्रतिशत नमूने एकत्र किए गए हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘रविवार को सामने आये कोविड-19 के 139 मामलों में से 120 हॉटस्पॉट क्षेत्रों से हैं। हमने हॉटस्पॉट क्षेत्रों से लगभग सभी संदिग्ध मामलों के नमूने एकत्र किए हैं और कर्फ्यू वाले क्षेत्रों से स्क्रीनिंग और जांच के बाद पहचान करके संदिग्ध मामलों के नमूने एकत्र करेंगे। हम आने वाले समय में इन क्षेत्रों से मामलों में कमी देखेंगे।’’
नेहरा ने कहा कि एएमसी प्रयोग के आधार पर रविवार से प्लाज्मा थेरेपी भी शुरू करेगा।
इसके तहत प्लाज्मा किसी दानदाता से एकत्र किया जाता है, जो कोरोना वायरस संक्रमण से ठीक हो चुका है और उसके शरीर में एंटीबॉडी विकसित हुई हैं। इस प्लाज्मा को कोविड-19 से संक्रमित मरीज में डाला जाता है जिससे उसमें इससे लड़ने की क्षमता बढ़ जाए।
उन्होंने कहा, ‘‘हमने प्लाज्मा थेरेपी शुरू करने का फैसला किया था और आईसीएमआर को इस बारे में एक प्रस्ताव भेजा था। हमारे मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के कारण, जिन्होंने इस संबंध में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से बात की, प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई।’’
उन्होंने कहा, ‘‘कल प्लाज्मा एकत्र किया गया था और हम आज से चिकित्सा शुरू करेंगे।’’
इस बीच, 17 मार्च को भर्ती होने वाली शहर की पहली महिला कोविड-19 मरीज को रविवार को एसवीपी अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 19, 2020 05:34 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

