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जरुरी जानकारी | कच्चे माल का निर्यात स्वीकार्य नहीं, मूल्यवर्धन देश में ही हो : मोदी

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि वह कच्चे माल का निर्यात और तैयार उत्पादों का देश में आयात स्वीकार नहीं कर सकते। साथ ही उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मूल्यवर्धन देश में ही होना चाहिए।

जरुरी जानकारी | कच्चे माल का निर्यात स्वीकार्य नहीं, मूल्यवर्धन देश में ही हो : मोदी

भुवनेश्वर, 28 जनवरी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि वह कच्चे माल का निर्यात और तैयार उत्पादों का देश में आयात स्वीकार नहीं कर सकते। साथ ही उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मूल्यवर्धन देश में ही होना चाहिए।

भुवनेश्वर में ‘उत्कर्ष ओडिशा, मेक इन ओडिशा कॉन्क्लेव’ का उद्घाटन करते हुए मोदी ने कहा कि वह पूर्वी भारत को देश के विकास का इंजन मानते हैं और राज्य इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

उन्होंने कहा, ‘‘ केवल कच्चे माल के निर्यात से देश का विकास संभव नहीं है। इसलिए हम पूरे परिवेश को बदल रहे हैं और नए दृष्टिकोण के साथ काम कर रहे हैं।’’

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘ खनिजों को यहां निकाला जाता है और उन्हें किसी अन्य देश में निर्यात किया जाता है, जहां उनका मूल्यवर्धन किया जाता है और नए उत्पाद बनाए जाते हैं। इन तैयार उत्पादों को फिर भारत वापस भेज दिया जाता है। मोदी को यह स्वीकार्य नहीं है।’’

प्रधानमंत्री ने कहा कि करोड़ों लोगों की आकांक्षाएं भारत को विकास के पथ पर आगे बढ़ा रही हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘ आज भारत करोड़ों लोगों की आकांक्षाओं से प्रेरित होकर विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है। यह एआई (कृत्रिम मेधा) का युग है और हर कोई इसके बारे में बात कर रहा है। हालांकि, सिर्फ एआई नहीं, बल्कि भारत की आकांक्षाएं हमारे देश की शक्ति हैं। आकांक्षाएं तब बढ़ती हैं जब लोगों की जरूरतें पूरी होती हैं। पिछले दशक में देश ने करोड़ों लोगों को सशक्त बनाने का लाभ देखा है। ओडिशा भी उसी आकांक्षा का प्रतिनिधित्व करता है।’’

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘ ओडिशा उत्कृष्ट है और नए भारत की मौलिकता और आशावाद का प्रतिनिधित्व करता है। ओडिशा में अवसर हैं और यहां के लोगों ने बेहतर प्रदर्शन करने की भावना प्रदर्शित की है।’’

मोदी ने कहा कि 21वीं सदी ‘कनेक्टेड इन्फ्रास्ट्रक्चर एंड मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी’ की सदी है।

उन्होंने कहा, ‘‘ भारत अभूतपूर्व गति से और व्यापक स्तर पर विशेष बुनियादी ढांचे का निर्माण कर रहा है। यह भारत को निवेश के लिए एक बेहतरीन गंतव्य बनाएगा।’’

प्रधानमंत्री ने कहा कि आसियान देशों ने ओडिशा के साथ व्यापार संबंधों को मजबूत करने में रुचि दिखाई है।

उन्होंने कहा, ‘‘ मैं पूर्वी भारत को देश के विकास का इंजन मानता हूं और इसमें ओडिशा की महत्वपूर्ण भूमिका है। इतिहास बताता है कि जब भारत ने वैश्विक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया, तो पूर्वी भारत का भी इसमें महत्वपूर्ण योगदान रहा।’’

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘‘ मुझे पूरा विश्वास है कि ओडिशा बहुत जल्द विकास की उन ऊंचाइयों को छुएगा, जिसकी किसी ने कभी कल्पना भी नहीं की होगी। मुझे खुशी है कि मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी का पूरा दल राज्य के विकास को गति देने के लिए प्रतिबद्ध है।’’

मोदी ने कहा कि अनुसंधान एवं नवोन्मेषण समय की मांग हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘ सरकार अनुसंधान के लिए एक जीवंत परिवेश बनाने के लिए काम कर रही है और इसके लिए एक विशेष कोष भी बनाया गया है। उद्योगों को आगे आकर सरकार के साथ मिलकर काम करना चाहिए। ’’

राज्य के लंबे तट का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यहां पुराने बंदरगाहों का विकास किया जा रहा है और नए बंदरगाहों का निर्माण हो रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि राज्य में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘ आज भारत में शादी करने, भारत में इलाज कराने पर जोर है। इस जगह की प्राकृतिक सुंदरता इसके लिए अनुकूल है।’’

एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि दो दिन के इस सम्मेलन में बड़े उद्योगपतियों सहित करीब 7,500 कारोबारी प्रतिनिधियों के भाग लेने की उम्मीद है।

उद्घाटन समारोह में वेदांता समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल, आदित्य बिड़ला समूह के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला और जिंदल स्टील एंड पावर के चेयरमैन नवीन जिंदल मौजूद थे।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

प्रधानमंत्री ने ‘मेक इन ओडिशा’ प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया, जिसमें जीवंत औद्योगिक परिवेश विकसित करने में राज्य की उपलब्धियों को दिखाया गया है।

बयान में कहा गया, यह सम्मेलन उद्योग जगत की हस्तियों, निवेशकों और नीति निर्माताओं के लिए एक पसंदीदा निवेश गंतव्य के रूप में ओडिशा द्वारा प्रदान किए जाने वाले अवसरों पर चर्चा करने को एक मंच के रूप में काम करेगा। इस सम्मेलन में मुख्य कार्यपालक अधिकारियों (सीईओ) और कारोबार जगत के दिग्गज लोगों के साथ गोलमेज चर्चा और क्षेत्रवार सत्र भी आयोजित किए जाएंगे।

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(The above story first appeared on LatestLY on Jan 28, 2025 02:28 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).