देश की खबरें | 'अग्निवीरों' की भर्ती के लिए कानून लाने की संभावनाएं तलाशें: संसदीय समिति

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. संसद की एक समिति ने बृहस्पतिवार को सरकार से देश के सशस्त्र बलों में 'अग्निवीरों' की भर्ती के लिए कानून लाने की संभावना तलाशने को कहा।

नयी दिल्ली, तीन अगस्त संसद की एक समिति ने बृहस्पतिवार को सरकार से देश के सशस्त्र बलों में 'अग्निवीरों' की भर्ती के लिए कानून लाने की संभावना तलाशने को कहा।

समिति ने अन्य सरकारी नौकरियों में अग्निवीर के लिए आरक्षण या वरीयता का भी सुझाव दिया ताकि उनके बीच किसी भी तरह के 'असंतोष' को पनपने से रोका जा सके।

अग्निपथ योजना के तहत चयनित उम्मीदवारों को चार साल की अवधि के लिए भारतीय सशस्त्र बलों में अग्निवीर के रूप में शामिल किया जाता है।

कार्मिक, लोक शिकायत, कानून और न्याय पर विभाग संबंधी संसद की स्थायी समिति ने अपनी ताजा रिपोर्ट में कहा कि उसने अग्निपथ योजना के बारे में पड़ताल की और सुझाव दिया कि इस योजना के तहत भर्ती को नियंत्रित करने के लिए एक कानून लाने की संभावना तलाशी जा सकती है।

समिति ने कहा कि मौजूदा नियमों के अनुसार, चार साल की सेवा के बाद 75 प्रतिशत सैनिकों को उनकी सेवाओं से छुट्टी दे दी जाएगी और केवल 25 प्रतिशत को सशस्त्र बलों में शामिल किया जाएगा। इसने कहा कि सवाल यह है कि बाकी 75 प्रतिशत के बारे में क्या होगा?

रिपोर्ट में कहा गया है, "इन अग्निवीरों, जिनमें इस देश के युवा शामिल हैं, के बीच असंतोष को रोकने के लिए, समिति ने सुझाव दिया है कि शेष अग्निवीरों को अन्य सरकारी नौकरियों में आरक्षण या वरीयता दी जा सकती है ताकि प्रशिक्षित व्यक्तियों और बलों में सेवा के दौरान उनके द्वारा हासिल किए गए कौशल का अधिकतम उपयोग किया जा सके।"

संसद में बृहस्पतिवार को पेश 'भारत सरकार के भर्ती संगठनों के कामकाज की समीक्षा' पर पैनल की 131वीं रिपोर्ट में कहा गया है कि कुछ नौकरियां जहां उन्हें प्राथमिकता देना व्यावहारिक हो सकता है, उनमें पुलिस बल, संसद सुरक्षा सेवा और कोई अन्य लड़ाकू बल शामिल हैं।

समिति ने कहा कि वह जानना चाहती है कि क्या केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) में अग्निवीर के लिए रिक्तियों के आरक्षण का कोई प्रस्ताव है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि समिति ने स्पष्ट किया कि कुछ मुद्दे हैं क्योंकि अग्निवीर चार साल तक काम करेंगे और जब वे अर्धसैनिक बलों में शामिल होने आएंगे, तो आयु में छूट और शारीरिक परीक्षण में छूट की आवश्यकता हो सकती है। इस योजना के संबंध में कहा गया कि केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और असम राइफल्स में कांस्टेबल (सामान्य ड्यूटी)/राइफलमैन के पद पर भर्ती में पूर्व अग्निवीरों के लिए 10 प्रतिशत रिक्तियां आरक्षित करने का निर्णय लिया गया है।

समिति ने कहा कि इसके अलावा, ऊपरी आयु सीमा में छूट और शारीरिक दक्षता परीक्षा से छूट का प्रावधान किया गया है और अग्निवीर को आयु में तीन साल की छूट भी दी गई है।

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