ग्रामीण क्षेत्रों में किफायती एफएमसीजी उत्पादों की बिक्री बढ़ने की उम्मीद
नेस्ले, डाबर, गोदरेज, पारले और विप्रो जैसी प्रमुख एफएमसीजी कंपनियों का मानना है कि जैसे-जैसे उत्पादों की आपूर्ति छोटे शहरों में सुधरेगी वहां सस्ते में उपलब्ध छोटी पैकिंग (पीपीपी) वाले सामान की बिक्री बढ़ सकती है।
नयी दिल्ली, 24 मई कोविड-19 लॉकडाउन की वजह से रोजमर्रा के उपभोक्ता उत्पादों (एफएमसीजी) की ग्रामीण और शहरी मांग में स्पष्ट अंतर आने की संभावना है। गांवों और छोटे शहरों में जहां मूल्य प्रतिस्पर्धी छोटी पैकिंग वाले सामानों की मांग बढ़ सकती है। वहीं शहरों में लोग बड़ी पैकिंग वाले सामान ज्यादा खरीदेंगे।
नेस्ले, डाबर, गोदरेज, पारले और विप्रो जैसी प्रमुख एफएमसीजी कंपनियों का मानना है कि जैसे-जैसे उत्पादों की आपूर्ति छोटे शहरों में सुधरेगी वहां सस्ते में उपलब्ध छोटी पैकिंग (पीपीपी) वाले सामान की बिक्री बढ़ सकती है।
दूसरी तरफ शहरी इलाकों विशेषकर मेट्रो शहरों में ग्राहकों के बड़ी पैकिंग वाला सामान खरीदने की प्रवृत्ति दिख रही है। कोविड-19 की वजह से ग्राहकों का खुदरा दुकानों या हाइपरमार्केट में जाना कम हुआ है। साथ ही उनके एक बार बाजार जाने बड़ी पैकिंग का वो भी ज्यादा सामान खरीदने का रुख देखा गया है।
कंपनियों का कहना है कि शहरों में बड़ी पैकिंग का सामान खरीदने का रुख अगले कुछ महीनों तक बरकरार रह सकता है क्योंकि ग्राहकों को बीमारी के फिर लौटने का डर रहेगा।
नेस्ले इंडिया के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक सुरेश नारायण के अनुसार यह महामारी ग्रामीण इलाकों में लोकप्रिय कीमत पर उपलब्ध उत्पाद (पीपीपी) की बिक्री बढ़ाने का अवसर भी है, क्योंकि आर्थिक अनिश्चिता के चलते ग्राहक बहुत सावधानी से खर्च करेंगे।
उन्होंने कहा कि कस्बाई और कुछ ग्रामीण इलाकों में छोटी पैकिंग के सामानों का कारोबार अच्छा रह सकता है। वहीं जो प्रवासी मजदूर गांवों को लौट रहे हैं, वह शहरों में ब्रांडेड सामान का उपयोग करते रहे हैं और अच्छी तरह से ब्रांड को पहचानते हैं। ऐसे में वह इन ब्रांडेड सामान की की ग्रामीण इलाकों में मांग कर सकते हैं।
इसी तरह डाबर इंडिया के मुख्य वित्त अधिकारी ललिम मलिक ने कहा कि लाखों प्रवासी मजदूर कस्बों और गांवों की ओर लौट रहे हैं। वह वहां कम कीमत वाले उत्पादों की मांग कर सकते हैं। इसके अलावा सरकार के मनरेगा के तहत राहत देने के चलते ग्रामीण मांग के वृद्धि के आसार हैं।
गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विवेक गंभीर के अनुसार ग्रामीण और शहरी बाजारों का स्पष्ट बंटवारा होने की उम्मीद है। शहरों में जहां लोग बड़ी पैकिंग का सामान खरीदेंगे, वहीं छोटे शहरों में वह सस्ते और छोटे पैकिंग के सामान की मांग कर सकते हैं।
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