कोरोना वायरस से जुड़े ऋणों को दिवाला कानून से छूट
वित्त एवं कॉरपोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को सरकार के 20 लाख करोड़ रुपये प्रोत्साहन पैकेज की पांचवी और अंतिम किस्त की जानकारी दी।
नयी दिल्ली, 17 मई कोरोना वायरस से प्रभावित अर्थव्यवस्था को उबारने के लिए सरकार ने दिवाला संहिता कानून के तहत कई तरह की छूट दी हैं। इसमें कोरोना वायरस संकट से जुड़े ऋणों को इस कानून से राहत दी है। साथ ही एक साल तक किसी नयी दिवाला प्रक्रिया पर रोक और लघु एवं मध्यम उद्योगों के ऋणों के लिए विशेष व्यवस्था की है।
वित्त एवं कॉरपोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को सरकार के 20 लाख करोड़ रुपये प्रोत्साहन पैकेज की पांचवी और अंतिम किस्त की जानकारी दी।
वित्त मंत्री ने कहा कि कोविड-19 से जुड़े कर्ज पर दिवाला संहिता के ‘ऋण चूक’ वाले नियम लागू नहीं होंगे। सरकार ने अर्थव्यवस्था में नई जान फूंकने के लिए यह पैकेज घोषित किया है। दिवाला कानून से दी गयी छूटों से बहुत सी इकाइयों को राहत मिलेगी।
सीतारमण ने यहां एक प्रेस वार्ता में कहा, ‘‘लॉकडाउन के बाद कारोबारी हालातों में कितना सुधार होगा, इसे लेकर कुछ निश्चित नहीं कहा जा सकता। इसलिए अगले एक साल तक दिवाला कानून के तहत कोई नयी कार्रवाई शुरू नहीं करने का निर्णय किया गया है।’’
दिवाला एवं ऋणशोधन अक्षमता संहिता (आईबीसी) के तहत दबाव वाली परिसंपत्तियों का एक निश्चित अवधि में बाजार आधारित समाधान कर दिया जाता है। किसी कंपनी के खिलाफ मात्र एक दिन की चूक पर भी दिवाला कानून के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
इस कार्रवाई के लिए बकाया कर्ज की न्यूतनतम सीमा एक लाख रुपये से बढ़ाकर एक करोड़ रुपये की गयी। वित्तमंत्री ने कहा कि इससे बड़े स्तरपर सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों को लाभ होगा।
इसके अलावा लघु एवं मध्यम उद्योगों के लिए संहिता की धारा 240ए के तहत विशेष समाधान प्रावधान किए जा रहे हैं।इसकी अधिसूचना जल्द जारी की जाएगी
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(The above story first appeared on LatestLY on May 17, 2020 09:29 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

