देश की खबरें | आबकारी नीति: सीबीआई मामले में मुकदमे की मंजूरी को ईडी ने धनशोधन मामले के लिए भी काफी बताया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. प्रवर्तन निदेशालय (ईड) ने बृहस्पतिवार को दिल्ली की एक अदालत से कहा कि दिल्ली की आबकारी नीति से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर मुकदमा चलाने के लिए प्राप्त मंजूरी उससे (आबकारी नीति से) संबंधित धनशोधन मामले में भी उन पर मुकदमा चलाने के लिए काफी है।

नयी दिल्ली, 28 नवंबर प्रवर्तन निदेशालय (ईड) ने बृहस्पतिवार को दिल्ली की एक अदालत से कहा कि दिल्ली की आबकारी नीति से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर मुकदमा चलाने के लिए प्राप्त मंजूरी उससे (आबकारी नीति से) संबंधित धनशोधन मामले में भी उन पर मुकदमा चलाने के लिए काफी है।

ईडी ने विशेष न्यायाधीश कावेरी बावेजा के सामने यह बात कही। केजरीवाल ने अर्जी दायर करके धनशोधन मामले में उनपर मुकदमा चलाने से जुड़ी मंजूरी की प्रति मांगी है।

दिल्ली के आबकारी नीति ‘घोटाला’ से संबंधित भ्रष्टाचार मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) कर रहा है जबकि इससे संबंधित धनशोधन पक्ष की तहकीकात ईडी कर रही है।

ईडी के विशेष सरकारी वकील ने अदालत के समक्ष कहा कि कि निदेशालय सीबीआई द्वारा जांच किए जा रहे पूर्ववर्ती अपराध मामले में दी गई मंजूरी पर भरोसा कर रहा है, जो 14 अगस्त को दी गई थी।

उन्होंने कहा कि उसी के आधार पर वर्तमान मामला दर्ज किया गया था।

विशेष सरकारी वकील ने कहा, ‘‘ उक्त मंजूरी इतनी व्यापक है कि इसमें न केवल भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (सीबीआई द्वारा जांच की जा रही है) के अपराध शामिल हैं, बल्कि अन्य अपराध या उसमें (सीबीआई मामले में) वर्णित तथ्यों और परिस्थितियों से बनने वाले अपराध (मामले) भी आते हैं। उक्त कृत्यों के संबंध में वे अपराध कानून के किसी अन्य प्रावधान के तहत दंडनीय हैं और न्यायालय द्वारा उनका संज्ञान लिया जा सकता है।’’

तब, केजरीवाल की ओर से पेश वकील ने न्यायाधीश बावेजा से ईडी को जवाब दाखिल करने का निर्देश देने की अपील की एवं ईडी ने उसका विरोध नहीं किया।

न्ययाधीश ने ईडी को अगली सुनवाई से पहले उक्त आवेदन पर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया एवं अगली सुनवाई की तारीख 30 नवंबर तय की।

केजरीवाल ने आवेदन दायर कर दावा किया कि उन्हें मंजूरी की प्रति नहीं दी गई । उन्होंने दिल्ली उच्च न्यायालय में हाल ही में हुई सुनवाई का हवाला दिया, जहां ईडी ने कथित तौर पर कहा था कि आरोपपत्र दाखिल करते समय संबंधित प्राधिकारियों से आवश्यक मंजूरी ले ली गई थी।

धनशोधन का यह मामला सीबीआई द्वारा दर्ज किये गये मामले पर आधारित है। उपराज्यपाल वी के सक्सेना ने आबकारी नीति के क्रियान्वयन में कथित अनियमितताओं की जांच की सिफारिश की थी, तब सीबीआई ने मामला दर्ज किया थां

सीबीआई और ईडी के अनुसार, आबकारी नीति में संशोधन करते समय अनियमितताएं की गईं और लाइसेंस धारकों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया।

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