जरुरी जानकारी | लाभांश के रूप में आरबीआई, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों से 1.02 लाख करोड़ रुपये की प्राप्ति का अनुमान

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. सरकार ने बृहस्पतिवार को अगले वित्त वर्ष के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) और सार्वजनिक क्षेत्र के वित्तीय संस्थानों से 1.02 लाख करोड़ रुपये की लाभांश आय का अनुमान रखा है।

नयी दिल्ली, एक फरवरी सरकार ने बृहस्पतिवार को अगले वित्त वर्ष के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) और सार्वजनिक क्षेत्र के वित्तीय संस्थानों से 1.02 लाख करोड़ रुपये की लाभांश आय का अनुमान रखा है।

सरकार चालू वित्त वर्ष में 48,000 करोड़ रुपये के बजट अनुमान के मुकाबले 1.04 लाख करोड़ रुपये का लाभांश प्राप्त करने के रास्ते पर है।

चालू वित्त वर्ष का अनुमान बजट अनुमान से अधिक है। इसका कारण यह है कि आरबीआई ने पिछले साल मई में 87,416 करोड़ रुपये का लाभांश दिया था।

पिछले वित्त वर्ष में सरकार ने आरबीआई और सार्वजनिक क्षेत्र के वित्तीय संस्थानों से 39,961 करोड़ रुपये जुटाए थे।

इस बीच, सरकार ने केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों (सीपीएसई) से लाभांश भुगतान के रूप में 43,000 करोड़ रुपये की प्राप्ति का अनुमान लगाया है। चालू वित्त वर्ष के दौरान अन्य निवेश भी बढ़कर 50,000 करोड़ रुपये हो गया।

कुल मिलाकर, सरकार ने चालू वित्त वर्ष में आरबीआई, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और केंद्रीय लोक उपक्रमों से लाभांश के रूप में 1,54,407 करोड़ रुपये जुटाने का अनुमान रखा है।

अगले वित्त वर्ष के लिए यह 1.50 लाख करोड़ रुपये है।

कर संग्रह में सुधार के अलावा, बैंकों और वित्तीय संस्थानों से मिलने वाले अधिक लाभांश से राजकोषीय घाटे को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।

सरकार ने अगले वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटा 5.1 प्रतिशत पर लाने और 2025-26 में इसे 4.5 प्रतिशत के स्तर पर लाने का लक्ष्य रखा है।

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