देश की खबरें | पूरा फिल्म उद्योग जवाबदेह : मलयालम अभिनेता मोहनलाल

तिरुवनंतपुरम, 31 अगस्त न्यायमूर्ति हेमा समिति की रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए अभिनेता मोहनलाल ने शनिवार को कहा कि उठाए गए सवालों के लिए पूरा उद्योग जवाबदेह है, लेकिन कलाकारों के संगठन को निशाना बनाया जा रहा है और हर चीज के लिए उसे दोषी ठहराया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि मलयालम सिनेमा बहुत बड़ा उद्योग है, जहां हजारों लोग काम करते हैं और कलाकारों का संगठन ‘एसोसिएशन ऑफ मलयालम मूवी आर्टिस्ट’ (एएमएमए) वहां उठने वाले हर मुद्दे का समाधान नहीं कर सकता। अभिनेता ने संवाददाताओं से कहा कि सिनेमा समाज का हिस्सा है और जो अन्य जगहों पर हो रहा है, वही उद्योग में भी हो रहा है।

यह पहली बार है कि एएमएमए के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने वाले मोहनलाल समिति की रिपोर्ट जारी होने के बाद मीडिया को संबोधित कर रहे थे। इस रिपोर्ट में मलयालम फिल्म उद्योग में महिला पेशेवरों के कथित उत्पीड़न और शोषण पर प्रकाश डाला गया है।

मोहनलाल ने कहा कि न्यायमूर्ति हेमा समिति की रिपोर्ट जारी होने के बाद लगाए गए आरोपों के मद्देनजर उनकी अध्यक्षता वाले संगठन की कार्यकारी समिति के सदस्यों ने हाल में इस्तीफा दे दिया।

रिपोर्ट के निष्कर्षों पर अपनी कथित देरी से प्रतिक्रिया को उचित ठहराते हुए मोहनलाल ने कहा कि वह कभी भी अपनी जिम्मेदारियों से नहीं भागे, लेकिन पिछले कुछ दिनों में मीडिया के सामने नहीं आ सके, क्योंकि वह अपनी व्यक्तिगत और व्यावसायिक प्रतिबद्धताओं के कारण राज्य से बाहर थे।

उन्होंने कहा कि वह पिछले 47 वर्षों से फिल्म उद्योग का हिस्सा रहे हैं और फिल्म उद्योग में दुर्भाग्यपूर्ण मुद्दों से संबंधित सवालों का जवाब देना उनके लिए ‘‘दुखद’’ है।

उन्होंने कहा कि एक पेशेवर कलाकार के रूप में वह हेमा समिति के समक्ष दो बार गवाही दे चुके हैं और मीडिया में जो कुछ आया है, उसके अलावा उन्हें इसकी विषय-वस्तु के बारे में कोई जानकारी नहीं है।

मोहनलाल ने कहा कि वह मलयालम फिल्म उद्योग में किसी भी ताकतवर समूह का हिस्सा नहीं हैं और उन्हें इस क्षेत्र में ऐसे किसी समूह के अस्तित्व के बारे में कोई जानकारी नहीं है।

राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित अभिनेता ने एएमएमए की कार्रवाई को भी उचित ठहराया। उन्होंने कहा, ‘‘एएमएमए ट्रेड यूनियन की तरह का संगठन नहीं है। इसे अपने सदस्यों के कल्याण के लिए शुरू किया गया था....हेमा समिति से संबंधित सवालों के लिए पूरा फिल्म उद्योग जवाबदेह है।’’

उन्होंने आरोप लगाया कि मलयालम सिनेमा में कई संगठन हैं, लेकिन रिपोर्ट में किए गए खुलासे के मद्देनजर एएमएमए को निशाना बनाया जा रहा है और हर चीज के लिए उसे दोषी ठहराया जा रहा है। मोहनलाल ने कहा, ‘‘इन सभी मुद्दों के लिए अकेले एक संगठन को दोषी ठहराना सही नहीं है।’’

प्रसिद्ध अभिनेता ने संगठन के कुछ सदस्यों के खिलाफ लगे यौन दुर्व्यवहार और उत्पीड़न के आरोपों का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘अगर गलत काम करने वालों के खिलाफ सबूत हैं, तो उन्हें दंडित किया जाना चाहिए।’’

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)