देश की खबरें | एनआरसी की आड़ में हिरासत से बचने के लिए मतदाता सूची में अपना नाम सुनिश्चित करें : ममता
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कोलकाता, 23 नवंबर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को राज्य के लोगों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) लागू करने की आड़ में हिरासत शिविरों में भेजे जाने से बचने के लिए उनके नाम मतदाता सूची में हों।
मुख्यमंत्री राज्य सरकार द्वारा सभी जिलों के वंचित परिवारों को जमीन के पट्टे वितरित करने के लिए आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं। बनर्जी ने कहा, ‘‘मतदाता सूची को अद्यतन करने की कवायद हो रही है। सुनिश्चित करें कि आपका नाम मतदाता सूची में हो। यदि कोई गलती होती है, तो आपका नाम सूची से हटाया जा सकता है और आपको एनआरसी लागू करने के नाम पर हिरासत शिविर में भेजा जा सकता है।’’
बनर्जी ने कहा, ‘‘असम में ऐसी घटनाएं हुई हैं। एनआरसी शर्म की बात है। साजिश रची जा रही है। समय बर्बाद न करें और मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराएं।’’ मुख्यमंत्री ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा ‘‘जिन लोगों ने देश के प्रधानमंत्री को चुनने के लिए अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया, उन्हें ‘‘नागरिकता का प्रमाण देने की आवश्यकता क्यों है।’’
उन्होंने लोगों से कहा कि अगर उनकी जमीनों को जबरन लिया जाता है तो वे विरोध प्रदर्शन करें और उन्हें आश्वासन दिया कि राज्य सरकार उन्हें समर्थन देने के लिए वहां मौजूद रहेगी। बनर्जी ने कहा, ‘‘गरीब लोगों को जबरन किसी जगह से नहीं हटाया जा सकता। मैंने सुना है कि फ्लाईओवर और राजमार्ग निर्माण कार्य के लिए कुछ इलाकों से लोगों को निकाला जा रहा है। हम इस तरह के बुलडोजर के इस्तेमाल की इजाजत कभी नहीं देंगे। इतनी आसानी से हार मत मानो, ऐसे अभियान के खिलाफ विरोध दर्ज कराओ।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हमने राज्य में 300 शरणार्थी कॉलोनी की पहचान की है और इसके निवासियों को समय आने पर जमीन के पट्टे दिए जाएंगे।’’ मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उनकी सरकार की ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना के तहत वित्तीय सहायता प्राप्त करने के लिए लाभार्थियों को आधार कार्ड प्रस्तुत करने की आवश्यकता नहीं है।
उन्होंने बिना किसी का नाम लिए दावा किया कि केंद्र को पत्र भेजे जा रहे हैं, जिसमें आरोप लगाया गया है कि पश्चिम बंगाल में धन का दुरुपयोग किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘मुझे उन लोगों के नाम लेने में शर्म आती है जो केंद्र को पश्चिम बंगाल में आर्थिक नाकेबंदी करने के लिए पत्र लिख रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि केंद्रीय धन का दुरुपयोग किया जा रहा है।’’
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