प्रबुद्ध नागरिकों ने असम के मुख्यमंत्री से अखिल गोगोई को रिहा करने की अपील की
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गुवाहाटी, 22 अप्रैल राज्यसभा सदस्य अजीत कुमार भुइयां और पूर्व पुलिस महानिदेशक हरेकृष्णा देका सहित असम के प्रबुद्ध नागरिकों ने बुधवार को राज्य के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल से मुलाकात कर किसान नेता अखिल गोगोई को रिहा करने की मांग की।

उन्होंने यह मांग उच्चतम न्यायालय द्वारा कोविड-19 महामारी को फैलने से रोकने के लिए जेलों में भीड़ कम करने के निर्देश के बाद की।

प्रमुख साहित्यकारों, पत्रकारों, कलाकारों, शिक्षकों और अन्य प्रमुख लोगों द्वारा एक ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये गये हैं। इसमें रेखांकित किया गया है कि कृषक मुक्ति संग्राम समिति (केएमएसएस) के नेता अखिल गोगोई को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की अदालत ने जमानत दे दी थी और फिर राज्य के अन्य हिस्सों में दर्ज मामलों में उन्हें दोबारा गिरफ्तार किया गया।

गौरतलब है कि संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ व्यापक प्रदर्शन के बीच गोगोई को पिछले साल 12 दिसंबर को कानून व्यवस्था की खराब होती स्थिति के मद्देनजर एहतियाती कदम के तहत जोरहाट से गिरफ्तार किया गया था। इसके अगले दिन उनके साथियों को भी हिरासत में ले लिया गया।

इसके बाद गोगोई को एनआईए को सौंप दिया गया था लेकिन हिरासत में लेने के 90 दिनों के भीतर आरोप पत्र दाखिल करने में असफल होने के बाद अदालत ने उन्हें जमानत दे दी।

भुइयां और देका के अलावा लक्ष्मीनंदा बोरो, अरुप कुमार दत्ता, बीरेन सिंह, नोनी बोरपुजारी, प्रशांत राजगुरु, नित्या बोरा, मुनीन बयान, परेश मालाकार और अखिल रंजन दत्ता ने भी ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।

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