देश की खबरें | उर्दू उपन्यास ‘नौलखी कोठी’ के अंग्रेजी अनुवाद का विमोचन किया गया

नयी दिल्ली, 26 सितंबर पाकिस्तान के जाने-माने उपन्यासकार अली अकबर नातीक की उर्दू किताब ‘नौलखी कोठी’ का अंग्रेजी अनुवाद बाजार में उपलब्ध हो गया है। यह जानकारी पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया (पीआरएचआई) ने मंगलवार को दी।

नईमा राशिद ने इस उपन्यास का अंग्रेजी में तर्जुमा किया है। इसमें कहानी भारत के विभाजन से पहले के सालों में शुरू होती है और 1980 के दशक तक चलती है।

राशिद ने किताब में कहा, “‘नौलखा कोठी’ हमें विभाजन से पहले के पंजाब तक ले जाती है और इस स्थान की जीवंत संस्कृति से रू-ब-रू कराती है।”

कहानी विलियम नामक किरदार के इर्द-गिर्द घूमती है जो इंग्लैंड से आठ साल के बाद हिंदुस्तान लौटते हैं और उन्हें विभाजन-पूर्व पंजाब में जलालाबाद का सहायक आयुक्त नियुक्त किया जाता है।

किताब में विवरण में लिखा है, “उनका ख्वाब अपने 'घर' लौटने का है। यह आलीशान ‘नौलखी कोठी’ है, जिसे उनके दादा ने बनवाया था। लेकिन कुछ ऐसा घटनाक्रम होता है, जो न सिर्फ उनकी, बल्कि उस जमीन की भी हमेशा के लिए किस्मत बदल देता है।”

नातीक उर्दू लेखन में आज अग्रणी नाम हैं और उन्होंने 15 किताबें लिखी हैं। उनकी रचनाओं को अंग्रेजी, हिंदी और जर्मन में अनुवाद किया गया है।

उनकी लघु कहानियों के संग्रह, "क़ायम दीन" को 2013 में यूबीएल-जंग साहित्यिक उत्कृष्टता पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)