देश की खबरें | अधिक नमक के सेवन और उच्च रक्तचाप का संबंध भावनात्मक निष्क्रियता से होने का पता चला: अध्ययन

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नयी दिल्ली, 30 मई भोजन में अधिक मात्रा में नमक के सेवन से होने वाले उच्च रक्तचाप को एक नये अध्ययन में भावनात्मक और ज्ञानात्मक निष्क्रियता से जोड़ा गया है।

फुजिता हेल्थ यूनिवर्सिटी, जापान के एक अध्ययन में सामने आया कि अधिक नमक का सेवन रक्तचाप विनियमन प्रणाली और कुछ लिपिड अणुओं के बीच अवांछित संपर्क में योगदान देता है, जिससे मस्तिष्क में शिथिलता पैदा होती है।

अत्यधिक नमक के सेवन से संज्ञानात्मक विकार होने की बात सामने आती रही हैं। इससे उच्च रक्तचाप होने का भी पता चलता है।

एंजियोटेंसिन 2 (आंग 2) एक हार्मोन है जिसे रक्तचाप और द्रव संतुलन को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए जाना जाता है। ‘एटी1’ इसका रिसेप्टर (ग्राही) है।

इस अध्ययन में सामने आया कि किस तरह आंग 2-एटी1 और शारीरिक रूप से महत्वपूर्ण लिपिड अणु प्रोस्टाग्लैंडीन ई2 (पीजीई2) और इसके ग्राही ‘ईपी1’ के कारण होने वाले उच्च रक्तचाप से भावनात्मक और संज्ञानात्मक निष्क्रियता या शिथिलता होती है।

‘ब्रिटिश जर्नल ऑफ फार्माकोलॉजी’ में अध्ययन प्रकाशित किया गया है।

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