देश की खबरें | प्रख्यात वायलिन वादक जोग का निधन

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. प्रख्यात वायलिन वादक प्रभाकर जोग का रविवार को यहां अपने आवास पर अधिक आयु संबंधी दिक्कतों के कारण निधन हो गया। वह 89 वर्ष के थे। उनके परिवार के करीबी सूत्रों ने यह जानकारी दी।।

पुणे, 31 अक्टूबर प्रख्यात वायलिन वादक प्रभाकर जोग का रविवार को यहां अपने आवास पर अधिक आयु संबंधी दिक्कतों के कारण निधन हो गया। वह 89 वर्ष के थे। उनके परिवार के करीबी सूत्रों ने यह जानकारी दी।।

उन्होंने भारत और दुबई में 'गनारे वायलिन' शो के तहत 80 से अधिक एकल प्रस्तुति दी थी। छह दशकों से अधिक समय तक संगीतज्ञ और संगीतकार के रूप में काम करने वाले जोग ने मराठी और हिंदी फिल्म संगीत में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने एक बयान में कहा कि संगीत क्षेत्र ने एक सच्चा साधक खो दिया है।

बारह वर्ष की आयु में, जोग ने संगीत कार्यक्रमों में वायलिन बजाना शुरू कर दिया था क्योंकि पिता की अप्रत्याशित मृत्यु के बाद उनकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी।

उन्होंने बाद में संगीतकार सुधीर फड़के (जो बाबूजी के नाम से लोकप्रिय थे) के सहायक के रूप में काम किया। 'गीत रामायण' सीरीज के गीतों में जोग की वायलिन धुनें हैं। उन्होंने फड़के के साथ 'गीत रामायण' के करीब 500 शो किए।

फिल्मों में, उन्हें मराठी फिल्म ''श्री गुरुदेवदत्त'' में वायलिन वादक के रूप में पहला काम मिला। उन्हें कई पुरस्कार और सम्मान प्राप्त हुए थे जिनमें 2015 में ‘लाइफटाइम अचीवमेंट’ के लिए प्रतिष्ठित गान सम्राज्ञी लता मंगेशकर पुरस्कार भी शामिल है।

मंगेशकर (92) ने ट्विटर पर जोग को श्रद्धांजलि दी।

उन्होंने ट्वीट किया, ''मुझे यह सुनकर दुख हुआ कि महान वायलिन वादक और संगीतकार प्रभाकर जोग का आज निधन हो गया। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें।''

जोग की आत्मकथा ''स्वर आले जुलुनी'' में उनके जीवन और उनकी संगीत यात्रा का विवरण है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\