देश की खबरें | एल्गार परिषद मामला : आनंद तेलतुंबड़े को मां से मिलने के लिए दो दिन की अनुमति
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. बम्बई उच्च न्यायालय ने एल्गार परिषद-माओवादी संपर्क मामले के एक आरोपी सामाजिक कार्यकर्ता आनंद तेलतुंबड़े को उनके भाई एवं कथित नक्सली नेता मिलिंद तेलतुंबड़े की मौत के मद्देनजर दो दिनों के लिए अपनी मां से चंद्रपुर में मिलने की बुधवार को अनुमति दे दी।
मुंबई, दो मार्च बम्बई उच्च न्यायालय ने एल्गार परिषद-माओवादी संपर्क मामले के एक आरोपी सामाजिक कार्यकर्ता आनंद तेलतुंबड़े को उनके भाई एवं कथित नक्सली नेता मिलिंद तेलतुंबड़े की मौत के मद्देनजर दो दिनों के लिए अपनी मां से चंद्रपुर में मिलने की बुधवार को अनुमति दे दी।
तेलतुंबड़े एल्गार परिषद मामले में फिलहाल विचाराधीन कैदी के रूप में नवी मुंबई की तलोजा जेल में बंद हैं।
न्यायमूर्ति एस बी शुक्रे और न्यायमूर्ति जी ए सनप ने आठ मार्च और 10 मार्च के बीच मां से मिलने को लेकर तेलतुंबड़े की याचिका स्वीकार कर ली। तेलतुंबड़े ने वरिष्ठ अधिवक्ता मिहिर देसाई की ओर से दायर याचिका में अपने भाई मिलिंद तेलतुंबड़े की मौत के मद्देनजर मां से मिलने की अनुमति मांगी थी। मिलिंद गत वर्ष नवम्बर में घात लगाकर किये गये हमले में मारा गया था।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने तेलतुंबड़े की याचिका का यह कहते हुए विरोध किया था कि मिलिंद तेलतुंबड़े माओवादी नेता था और गैर-कानूनी गतिविधियों में शामिल था।
एनआईए के वकील संदेश पाटिल ने अदालत को बताया, ‘‘मामले की गम्भीरता यह है कि मृतक (मिलिंद) घात लगाकर किये गये हमले में मारा गया था।’’
इस पर पीठ ने कहा, ‘‘मौत तो मौत है, वह आरोपी हो सकता है, वह (मिलिंद) गतिविधियों में शामिल हो सकता है, लेकिन वह मौजूदा याचिकाकर्ता (आनंद) का भाई था। मानव जीवन की क्षति तो हुई ही है।’’
अदालत ने कहा कि तेलतुंबड़े अपनी मां से आठ मार्च और 10 मार्च के बीच मिल सकते हैं, लेकिन पुलिस के पहरे में। पुलिस अभिरक्षा पर आने वाला खर्च राज्य सरकार वहन करेगी।
पीठ ने कहा, ‘‘याचिकाकर्ता (आनंद तेलतुंबड़े) आठ मार्च और 10 मार्च के बीच अपनी मां से चंद्रपुर में मिल सकते हैं। मां से मिलने के उद्देश्य की पूर्ति के लिए उन्हें पुलिस बंदोबस्त में इस तरह ले जाया जाए कि वह चंद्रपुर आठ बजे की सुबह या कम से कम दोपहर तक पहुंच जाये और वहां से 10 मार्च को उपयुक्त समय पर वापस लाया जाए। यदि 10 मार्च को कुछ समय उपलब्ध हो तो उस दिन भी उन्हें मां से मिलाया जा सकता है।’’
पीठ ने कहा कि तेलतुंबड़े को 11 मार्च को तलोजा जेल लाया जायेगा।
उच्च न्यायालय ने सामाजिक कार्यकर्ता की ओर से दायर दो अन्य याचिकाओं पर एनआईए को नोटिस जारी किये। इन याचिकाओं में गैर-कानूनी गतिविधि (निरोधक) अधिनियम (यूएपीए) के कुछ प्रावधानों को चुनौती दी गयी है।
अदालत इन याचिकाओं पर अगले माह सुनवाई करेगी।
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(The above story first appeared on LatestLY on Mar 02, 2022 05:12 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

