विदेश की खबरें | सू ची के खिलाफ चुनावी धोखाधड़ी का मामला जारी रह सकता है : म्यांमा की अदालत

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. सेना ने पिछले साल फरवरी में सू ची की चुनी हुई सरकार को बर्खास्त कर सत्ता हथिया ली थी। सेना का आरोप था कि 2020 के आम चुनाव में व्यापक धोखाधड़ी हुई है। हालांकि स्वतंत्र चुनाव पर्यवेक्षकों ने इस आरोप की पुष्टि नहीं की।

सेना ने पिछले साल फरवरी में सू ची की चुनी हुई सरकार को बर्खास्त कर सत्ता हथिया ली थी। सेना का आरोप था कि 2020 के आम चुनाव में व्यापक धोखाधड़ी हुई है। हालांकि स्वतंत्र चुनाव पर्यवेक्षकों ने इस आरोप की पुष्टि नहीं की।

चुनाव में सू ची की पार्टी नेशनल लीग फॉर डेमोक्रेसी को भारी बहुमत मिला था जबकि सेना समर्थित यूनियन सॉलिडेरिटी एंड डेवलपमेंट पार्टी की बुरी तरह से हार हुई।

चुनावी धोखाधड़ी के मामले में दोषसिद्धि की स्थिति में सू ची की पार्टी भंग हो सकती है और ऐसी स्थिति में उनकी पार्टी अगला चुनाव नहीं लड़ सकेगी।

राजधानी ने पी ता की एक अदालत सू ची और उनके सहयोगियों के खिलाफ कई आरोपों की सुनवाई कर रही है। इनमें चुनावी धोखाधड़ी का आरोप भी शामिल है। इस अपराध में दोषसिद्धि होने पर तीन साल की सजा का प्रावधान है।

नाम नहीं छापने की शर्त पर एक कानूनी अधिकारी ने शुक्रवार को अदालत के फैसले की पुष्टि की। सू ची से जुड़े सभी मुकदमों की सुनवाई तक मीडिया की पहुंच नहीं है और सू ची के वकीलों पर अदालती कार्यवाही का ब्योरा उपलब्ध कराने पर रोक है।

एपी

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