पाकिस्तान के निर्वाचन आयोग ने राष्ट्रपति पर अनुचित कदम उठाने का आरोप लगाया

पाकिस्तान के निर्वाचन आयोग ने राष्ट्रपति आरिफ अल्वी पर आम चुनाव से पहले अनुचित कदम उठाने का आरोप लगाया है. जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी की ओर से अगले आम चुनाव में समान अवसर की मांग को लेकर व्यक्त की गई चिंताओं का समर्थन करने के लिए आयोग ने राष्ट्रपति पर यह आरोप लगाया.

इस्लामाबाद, 11 नवंबर: पाकिस्तान के निर्वाचन आयोग ने राष्ट्रपति आरिफ अल्वी पर आम चुनाव से पहले अनुचित कदम उठाने का आरोप लगाया है। जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी की ओर से अगले आम चुनाव में समान अवसर की मांग को लेकर व्यक्त की गई चिंताओं का समर्थन करने के लिए आयोग ने राष्ट्रपति पर यह आरोप लगाया. राजनीतिक और आर्थिक, दोनों तरह की अस्थिरता का सामना कर रहे पाकिस्तान में आठ फरवरी को आम चुनाव होने हैं.

वर्ष 2018 में राष्ट्रपति नियुक्त होने से पहले खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के संस्थापक सदस्य रहे अल्वी पर अक्सर राजनीतिक मुद्दों को लेकर खान की पार्टी का पक्ष लेने का आरोप लगाया जाता रहा है. ‘द एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ की खबर के अनुसार कार्यवाहक प्रधानमंत्री अनवार-उल-हक काकड़ को हाल ही में लिखे एक पत्र में, अल्वी ने कहा कि पाकिस्तान का राष्ट्रपति संविधान के तहत देश के प्रमुख के रूप में गणतंत्र की एकता का प्रतिनिधित्व करता है और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रधानमंत्री और अन्य सभी संस्थानों के साथ कर्तव्यबद्ध है.

अल्वी ने कहा कि इसी कारण से वह पीटीआई के आरोपों वाला पत्र भेज रहे हैं. राष्ट्रपति ने अंतरिम प्रधानमंत्री काकड़ से इन मुद्दों पर गौर करने के लिए कहा था। पाकिस्तान निर्वाचन आयोग (ईसीपी) ने एक बयान में राष्ट्रपति के कदम पर कड़ा असंतोष व्यक्त करते हुए कहा, ''एक उच्चाधिकारी आगामी चुनाव की पारदर्शिता को संदिग्ध बनाने का प्रयास कर रहे हैं. यह व्यवहार उचित नहीं है.’’ बयान में कहा गया है कि ईसीपी इस बात को लेकर प्रतिबद्ध है कि चुनाव निष्पक्ष और पारदर्शी होंगे.

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