देश की खबरें | निर्वाचन आयोग ने पेपर ट्रेल मशीनों की चुनाव चिह्न ‘लोडिंग’ प्रक्रिया में एक नयी सुविधा शुरू की

नयी दिल्ली, 11 जुलाई केंद्रीय कानून मंत्रालय के एक दस्तावेज के अनुसार निर्वाचन आयोग ने चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने के प्रयास के तहत पेपर ट्रेल मशीनों की चुनाव चिह्न ‘लोडिंग’(चुनाव चिन्ह युक्त बनाने) प्रक्रिया में एक नयी सुविधा शुरू की है।

मंत्रालय की 2022-23 की वार्षिक रिपोर्ट में कहा गया है कि नयी सुविधा में पहले स्तर की जांच के दौरान वीवीपीएटी (वोटर वेरिफिएबल पेपर ऑडिट ट्रेल मशीन) पर अपलोड किए जाने वाले उम्मीदवारों के क्रमांक, चुनाव चिह्न और नाम को एक साथ विजुअल डिस्प्ले करने का प्रावधान है।

यह सुविधा सिंबल लोडिंग यूनिट में जोड़ा गया है जो वीवीपीएटी पर्ची पर किसी विशेष सीट पर चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों के चुनाव चिह्न और नाम अपलोड करता है।

अधिक पारदर्शिता के लिए 2019 के बाद से प्रति विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र (या लोकसभा सीटों के मामलों में खंड) के किसी भी पांच मतदान केंद्रों से वीवीपीएटी (पेपर ट्रेल मशीन) पर्चियों का मिलान ईवीएम गिनती के साथ किया जाता है।

गुजरात और हिमाचल प्रदेश के विधानसभा चुनावों और पिछले साल के अंत में हुए सात उपचुनावों में पेपर ट्रेल मशीन की पर्चियों की गिनती और ईवीएम में डाले गए वोटों में कोई विसंगति नहीं पाई गई।

ईवीएम पर वोट डाले जाने के बाद वीवीपीएटी पर्चियां निकलती हैं ताकि मतदाता यह जांच सके कि डाला गया मतपत्र इच्छित उम्मीदवार को गया है या नहीं। पर्ची फिर एक टोकरी में गिर जाती है। मतदाता पर्ची नहीं ले सकता क्योंकि यह गुप्त मतदान के सिद्धांत का उल्लंघन करता है।

ईवीएम की तरह, वीवीपीएटी भी बाहरी बिजली की आपूर्ति का उपयोग नहीं करते हैं और आंतरिक पावर पैक पर चलते हैं।

कानून मंत्रालय में विधायी विभाग ईवीएम, चुनाव कानून और संबंधित नियमों सहित चुनाव आयोग से संबंधित मुद्दों से निपटने के लिए नोडल एजेंसी है।

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