देश की खबरें | कानपुर में अपराधियों से मुठभेड में एक उपाधीक्षक समेत आठ पुलिसकर्मी शहीद

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. इस घटना के बाद शुक्रवार सुबह से फरार अपराधियों की तलाशी में जुटी कानपुर पुलिस के साथ हुई एक अन्य मुठभेड में दो अपराधी मारे गये ।

इस घटना के बाद शुक्रवार सुबह से फरार अपराधियों की तलाशी में जुटी कानपुर पुलिस के साथ हुई एक अन्य मुठभेड में दो अपराधी मारे गये ।

कानपुर में अपराधियों के साथ मुठभेड में आठ पुलिसकर्मियों के शहीद होने के बाद कांग्रेस, सपा और बसपा ने प्रदेश सरकार की कानून व्यवस्था पर सवालिया निशान लगाया है ।

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चौबेपुर थानाक्षेत्र में अपराधियों के साथ मुठभेड में शहीद हुए पुलिसकर्मियों को 'विनम्र श्रद्धांजलि' अर्पित करते हुए कहा कि जवानों की शहादत व्यर्थ नहीं जाएगी और पूरी घटना के लिए जिम्मेदार किसी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा । योगी ने शहीदों के परिवारों को एक एक करोड रूपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का भी ऐलान किया ।

योगी ने यहां पहुंचने के बाद सबसे पहले अस्पताल जाकर घायल पुलिसकर्मियों का हालचाल लिया । शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद योगी ने कहा, '' .... यद्यपि शहादत की कोई कीमत नहीं होती लेकिन उत्तर प्रदेश सरकार अपने इन सभी शहीद जवानों के परिवार वालों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है।’’

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उन्होंने कहा कि शहीद जवानों के प्रत्येक परिवार के एक सदस्य को शासकीय सेवा में लेने के साथ ही साथ ही असाधरण पेंशन सभी परिवार वालों को सरकार उपलब्ध कराएगी । इसके साथ ही एक करोड रूपये प्रत्येक शहीद के परिवार को अतिरिक्त सरकार की ओर से दिए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा, ''इस घटना के लिए जिम्मेदार किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा । पुलिस के अपने जवानों की शहादत एवं बलिदान को व्यर्थ नहीं जाने दिया जाएगा ।''

योगी ने कहा ‘‘रात्रि में घटना घटित होने के तत्काल बाद से ही वरिष्ठ पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी इसे अंजाम देने वाले अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए लगातार छापेमारी कर रहे हैं । अनेक टीमें गठित की गयी हैं । पुलिस मुठभेड में दो अपराधी मारे गये हैं । हमारे पुलिस जवानों से जो असलहे छीनकर वे भागे थे, उनमें से कुछ असलहे बरामद भी हुए हैं । शेष पर कार्रवाई जारी है ।’’

उन्होंने कहा कि माफिया और आपराधिक तत्वों के खिलाफ अभियान के तहत यह टीम दबिश देने गयी थी और उस दौरान यह घटना हुई है ।

पुलिस के बयान के मुताबिक, देर रात हुई पहली मुठभेड़ में अपराधी पुलिसकर्मियों के हथियार भी छीन ले गये हैं, जिनमें एके—47 रायफल, एक इंसास रायफल, एक ग्लाक पिस्टल तथा दो नाइन एमएम पिस्टल शामिल हैं ।

इस बीच आईजी :कानपुर रेंज: मोहित अग्रवाल ने विकास दुबे की गिरफ्तारी से जुडी सूचना देने वाले को 50 हजार रूपये इनाम देने का ऐलान किया है ।

चौबेपुर थाने के दिकरू गांव में रहने वाले हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे को पकडने देर रात पुलिस टीम गयी । दुबे पर 60 आपराधिक मामले दर्ज हैं । पुलिस दल जैसे ही दुबे के छिपने के ठिकाने पर पहुंचा, अचानक छत से गोलियों की बौछार शुरू हो गयी और पुलिस उपाधीक्षक देवेंद्र मिश्रा, तीन सब इंस्पेक्टर और चार कांस्टेबल शहीद हो गये ।

एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार ने बताया कि सात घायलों में पांच पुलिसकर्मी, एक होमगार्ड और एक आम नागरिक है ।

पुलिस के एक प्रवक्ता ने बताया कि पुलिस विकास दुबे के गांव में उसे गिरफ्तार करने गयी थी क्योंकि उसके खिलाफ चौबेपुर के जदेपुर घरसा गांव के राहुल तिवारी ने चौबेपुर थाने में मामला दर्ज कराया था ।

तिवारी ने विकास और चार अन्य के खिलाफ हत्या के प्रयास के लिए भारतीय दंड संहिता की धारा 307 के अतिरिक्त कई अन्य धाराओं में मामला दर्ज कराया था ।

शहीद होने वाले पुलिसकर्मियों में बिल्हौर के क्षेत्राधिकारी डिप्टी एसपी देवेंद्र मिश्रा :54:, थानाध्यक्ष शिवराजपुर महेश कुमार यादव :42:, सब इंस्पेक्टर अनूप कुमार सिंह :32:, सब इंस्पेक्टर नेबू लाल :48:, कांस्टेबिल जितेंद्र पाल :26:, सुल्तान सिंह :35:, बबलू कुमार :23: और राहुल कुमार :24: शामिल हैं ।

दुबे ने 2001 में राज्य मंत्री स्तर के एक भाजपा नेता की थाने के अंदर घुसकर कथित तौर पर हत्या की थी ।

पुलिस महानिदेशक हितेश चंद्र अवस्थी ने कहा ‘‘ पुलिस कार्रवाई हो रही है । दो अपराधी पुलिस की मुठभेड में मारे भी गये हैं । टीमें अभी भी कार्यरत हैं । सीमाएं सील हैं और एसएसपी कई टीमों की निगरानी कर रहे हैं । हम जल्द ही मामले की तह तक पहुंचेंगे और अपराधियों को वहीं (जेल) पहुंचाएंगे, जहां उन्हें होना चाहिए ।’’

मुठभेड़ की सनसनीखेज वारदात के बाद यहां पहुंचे डीजीपी ने संवाददाताओं से कहा, ''यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण घटना है, जिसमें डयूटी पर कार्यरत पुलिस कर्मियों पर अपराधी तत्वों ने हमला किया और फिर भाग गए।’’

उन्होंने कहा, ''यहां आए पुलिस दल को साजिश के तहत रोकने के लिए एक अर्थ मूवर मशीन खडी की गई जिससे रास्ता बाधित हुआ। और अंधेरे का फायदा उठाकर हमला किया गया । जो हुआ, सुनियोजित तरीके से हुआ।’’

अवस्थी ने कहा कि पता लगाया जा रहा है कि गंभीर वारदात की साजिश कैसे रची गई, इसके पीछे किसका हाथ है।

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