जरुरी जानकारी | शेयर बाजार में आठ दिनों की तेजी थमी, सेंसेक्स 161 अंक टूटा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. घरेलू शेयर बाजारों में पिछले आठ कारोबारी सत्रों से जारी तेजी पर बुधवार को विराम लगा और बीएसई सेंसेक्स 161 अंक से अधिक के नुकसान में रहा। अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिर्जव का ब्याज दर पर निर्णय आने से पहले और वैश्विक बाजारों के मिले-जुले रुख के बीच बाजार में गिरावट रही।
मुंबई, तीन मई घरेलू शेयर बाजारों में पिछले आठ कारोबारी सत्रों से जारी तेजी पर बुधवार को विराम लगा और बीएसई सेंसेक्स 161 अंक से अधिक के नुकसान में रहा। अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिर्जव का ब्याज दर पर निर्णय आने से पहले और वैश्विक बाजारों के मिले-जुले रुख के बीच बाजार में गिरावट रही।
हालांकि विदेशी संस्थागत निवेशकों ने अच्छी लिवाली की लेकिन सूचकांक में मजबूत हिस्सेदारी रखने वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, इन्फोसिस और लार्सन एंड टुब्रो में गिरावट से भी बाजार पर प्रतिकूल असर पड़ा।
तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 161.41 अंक यानी 0.26 प्रतिशत की गिरावट के साथ 61,193.30 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 330.27 अंक तक लुढ़क गया था।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 57.80 अंक यानी 0.32 प्रतिशत की गिरावट के साथ 18,089.85 अंक पर बंद हुआ।
सेंसेक्स की कंपनियों में भारती एयरटेल, टेक महिंद्रा, एक्सिस बैंक, बजाज फाइनेंस, लार्सन एंड टुब्रो, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, भारतीय स्टेट बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज, विप्रो, इन्फोसिस, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, इंडसइंड बैंक तथा टाटा स्टील प्रमुख रूप से नुकसान में रहीं।
दूसरी तरफ, लाभ में रहने वाले शेयरों में हिंदुस्तान यूनिलीवर, एशियन पेंट्स, टाटा मोटर्स, अल्ट्राटेक सीमेंट, आईटीसी और नेस्ले इंडिया शामिल हैं।
व्यापक बाजार में बीएसई मिडकैप सूचकांक 0.35 प्रतिशत की बढ़त पर रहा जबकि स्मालकैप सूचकांक में 0.20 प्रतिशत की तेजी रही।
जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘अमेरिका में क्षेत्रीय बैंकों में संकट, फेडरल रिजर्व के नीतिगत दर को लेकर लेकर अनिश्चितता जैसे कारणों से वॉल स्ट्रीट में नरमी रही। इसके बावजूद, भारत के सेवा और विनिर्माण क्षेत्रों में अप्रैल महीने में मजबूत वृद्धि और विदेशी संस्थागत निवेशकों के मजबूत पूंजी प्रवाह से घरेलू बाजार के नुकसान को कम करने में मदद मिली।’’
देश में सेवा क्षेत्र की वृद्धि अप्रैल में करीब 13 साल के उच्चस्तर पर पहुंच गई। एक मासिक सर्वे के मुताबिक, अप्रैल में मजबूत मांग परिस्थितियों से नए कारोबार और उत्पादन में काफी तेज वृद्धि देखने को मिली।
कोटक सिक्योरिटीज लि. के इक्विटी (खुदरा) शोध प्रमुख श्रीकांत चौहान ने कहा, ‘‘अमेरिकी फेडरल रिजर्व के नीतिगत दर के बारे में निर्णय से पहले बैंक, धातु और आईटी शेयरों में कुछ मुनाफावसूली से आठ सत्रों से जारी तेजी के बाद बाजार में गिरावट आई। अमेरिका में मौद्रिक नीति की घोषणा से पहले निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया।’’
एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी और हांगकांग का हैंगसेंग नुकसान में जबकि चीन का शंघाई कंपोजिट लाभ में रहा।
यूरोप के प्रमुख बाजारों में ज्यादातर लाभ में रहे। अमेरिकी बाजार मंगलवार को नुकसान में रहा था।
इस बीच, वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 2.08 प्रतिशत की गिरावट के साथ 73.75 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशक बुधवार को शुद्ध लिवाल रहे। उन्होंने 1,338 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर खरीदे।
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(The above story first appeared on LatestLY on May 03, 2023 06:22 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

