बहराइच में कोरोना पाजिटिव के आठ और श्रावस्ती में तीन मामले मिले
बहराइच के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. डी.के. सिंह ने बृहस्पतिवार को बताया कि लखनऊ के राममनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट से आई रिपोर्ट में बहराइच के आठ मरीजो में कोरोना वायरस का संक्रमण होने की पुष्टि हुई।
बहराइच/श्रावस्ती (उप्र), 23 अप्रैल उत्तर प्रदेश में अभी तक सुरक्षित माने जा रहे बहराइच में बुधवार देर रात कोरोना वायरस से संक्रमण के आठ मामले जबकि पड़ोस के श्रावस्ती जिले में तीन मामले सामने आये हैं।
बहराइच के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. डी.के. सिंह ने बृहस्पतिवार को बताया कि लखनऊ के राममनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट से आई रिपोर्ट में बहराइच के आठ मरीजो में कोरोना वायरस का संक्रमण होने की पुष्टि हुई।
सिंह ने बताया कि अभी तक जिले में कोविड-19 का एक भी मरीज नहीं मिला था। रिपोर्ट आने के बाद जिले के वरिष्ठ अधिकारियों ने आपात बैठक कर फैसला किया कि सभी मरीजों को एल-1 सुविधा में रखा जाएगा।
उधर बहराइच से अलग कर बनाए गये श्रावस्ती जिले में भी तीन मरीज कोरोना संक्रमित मिले हैं। श्रावस्ती के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. ए.पी. भार्गव ने बताया कि इनमें से एक मरीज इकौना का है जो आगरा से आया था। दो अन्य मरीज मल्हीपुर के निवासी हैं। दोनो नागपुर काम करते थे। बीती 17 अप्रैल से इन तीनों को पृथक कर इनका नमूना लखनऊ भेजा गया था। बुधवार रात आई रिपोर्ट में इनके कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई।
भार्गव ने बताया कि श्रावस्ती के तीनों मरीजों की उम्र 20-20 वर्ष है। वर्तमान में इन्हें एल-वन सुविधा के साथ पृथक किया गया है। सभी मरीजों के गांव को सील कर ग्रामीणों की जांच की जा रही है।
डी के सिंह ने बताया कि बहराइच में आठ में से छह मरीज पहले से जिला अस्पताल में भर्ती थे। नेपाली मूल का एक मरीज नानपारा पृथक केंद्र में तथा एक महिला बहराइच शहर में अपने घर पर पृथकवास में थी।
सीएमएस ने बताया कि इन सभी मरीजों में कोरोना के परंपरागत लक्षण नहीं थे। शहर की महिला के अलावा एक नेपाली व अन्य छह लोग मजदूर थे जिनका बाहर से लौटने के कारण जांच कराई गई थी।
जिला के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुरेश सिंह ने बताया कि कोरोना संक्रमित महिला के आवास और आसपास के इलाके को सील किया जा रहा है। अन्य संक्रमित व्यक्तियों के गांवों को सील कर उनके संपर्क में आये व्यक्तियों को पृथक कर उनकी जांच कराई जाएगी। संपर्क तलाश करने के लिए मोबाइल सर्विलांस का सहारा लिया जाएगा। संक्रमित व्यक्तियों के गांवों में आसपास के घरों में रह रहे लोगों की जांच की जा रही है।
सुरेश सिंह ने बताया कि 22 अप्रैल तक लखनऊ भेजे गये 122 नमूनों की रिपोर्ट आनी शेष थी जिनमें आठ की रिपोर्ट पाजिटिव आई है। शेष की रिपोर्ट अभी आनी है।
उन्होंने बताया कि 20 अप्रैल को 78 लोग बाहर से बहराइच आये थे, जिन्हें पृथकवास में रखा गया था। अधिकांश संक्रमित उन्हीं में से हैं। कैसरगंज, नानपारा, महसी व बहराइच शहर के प्रभावित इलाकों को सबसे अधिक संक्रमित स्थान (हॉटस्पाट) घोषित किया गया है।
सिंह बताया कि बहराइच व महसी इलाकों में एक किलोमीटर का निषिद्ध क्षेत्र बनाया गया है। नानपारा व कैसरगंज में प्रभावित इलाकों में तीन किलोमीटर के दायरे को निषिद्ध क्षेत्र और पांच किलोमीटर क्षेत्र को बफर जोन घोषित किया गया है।
सं अमृत
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, लेटेस्टली स्टाफ ने इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया है)
(The above story first appeared on LatestLY on Apr 23, 2020 05:08 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

