इरोड (तमिलनाडु), 13 जून चर्चित अंडाणु दान मामले में बांझपन का इलाज करने वाले एक और अस्पताल की संलिप्तता का खुलासा हुआ है। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि यह अस्पताल तिरुचिरापल्ली जिले में स्थित है।
पुलिस ने बताया कि अब तक इरोड, सेलम, होसुर, तिरुपति (आंध्र प्रदेश) और तिरुवनंतपुरम (केरल) के अस्पतालों की ही मामले में संलिप्तता की जानकारी मिली थी, जिसमें 16 वर्षीय नाबालिग लड़की को अपना अंडाणु बेचने पर मजबूर किया गया था।
पुलिस ने बताया कि तिरुचिरापल्ली स्थित ‘ फर्टिलिटी अस्पताल’ में लड़की से अंडाणु प्राप्त करने की जानकारी मिलने के आधार इरोड के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कनागेश्वरी ने अस्पताल को समन जारी किया। वह इस मामले की जांच अधिकारी भी हैं।
गौरतलब है कि यह मामला तब प्रकाश में आया जब लड़की तीनों आरोपियों (मां, उसके प्रेमी और बिचौलिए) की चंगुल से भाग गई और सलेम में रह रहे अपने रिश्तेदारों को आपबीती बताई।
इसके बाद मामले की शिकायत पुलिस के समक्ष दर्ज कराई गई और चार लोगों की गिरफ्तारी हुई। पुलिस की टीम इरोड, सलेम और होसुर स्थित बांझपन का इलाज करने वाले अस्पतालों की भूमिका की विस्तृ जांच की ।
पुलिस ने तिरुवनंतपुरम और तिरुपति के कुछ अस्पतालों को भी रैकेट में संलिप्त पाया।
इस बीच, पुलिस मामले में गिरफ्तार कथित बिचौलिए के बैंक खातों का भी सत्यापन कर रही है। पुलिस ने उसके दो खातों में अस्पतालों द्वारा बड़ी राशि का भुगतान करने का पता लगाया है।
पुलिस ने कहा कि उसने खातों की जानकारी प्राप्त की है और अलग से उनकी जांच की जा रही है।
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