जरुरी जानकारी | निर्यात बढ़ाकर भारत-जापान व्यापार को संतुलित करने के प्रयास जारी: गोयल

नयी दिल्ली, 21 फरवरी वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को कहा कि भारत और जापान के बीच निर्यात बढ़ाकर द्विपक्षीय व्यापार को संतुलित करने के प्रयास जारी हैं।

चालू वित्त वर्ष में अप्रैल-जनवरी के दौरान जापान को भारत का निर्यात 21.12 प्रतिशत बढ़कर 5.1 अरब डॉलर हो गया, जबकि आयात 9.1 प्रतिशत बढ़कर 15.92 अरब डॉलर रहा। इससे जापान के पक्ष में 10.82 अरब डॉलर का व्यापार घाटा रह गया।

वित्त वर्ष 2023-24 में जापान को भारत का निर्यात 5.15 अरब डॉलर तथा आयात 17.7 अरब डॉलर था। व्यापार घाटा 12.55 अरब डॉलर था।

वाणिज्य मंत्रालय ने मंत्री के हवाले से एक बयान में कहा, “भारत और जापान के बीच व्यापार को संतुलित करने के प्रयास किए जा रहे हैं, जिसमें पारस्परिक लाभ सुनिश्चित करने के लिए भारतीय निर्यात को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।”

गोयल ने भारत-जापान अर्थव्यवस्था और निवेश मंच में अपने मुख्य भाषण में यह बात कही।

उन्होंने जापानी कंपनियों को हरित ऊर्जा, नवीकरणीय ऊर्जा, सेमीकंडक्टर के उच्च प्रौद्योगिकी विनिर्माण, इलेक्ट्रॉनिक सामान और कृत्रिम मेधा (एआई) जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए भी आमंत्रित किया।

दोनों देशों ने 2011 में एक व्यापक मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए, जिसे आधिकारिक तौर पर व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौता (सीईपीए) कहा गया।

भारत में 1,400 से अधिक जापानी कंपनियां काम कर रही हैं और आठ राज्यों में 11 औद्योगिक टाउनशिप जापानी उद्यमों की मेजबानी कर रहे हैं।

गोयल ने बताया कि मुंबई-अहमदाबाद ‘हाई-स्पीड’ रेल और दिल्ली, अहमदाबाद, बेंगलुरु और चेन्नई में मेट्रो प्रणाली जैसी प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाएं भारत के विकास में जापान की सक्रिय भागीदारी को दर्शाती हैं।

उन्होंने निकट भविष्य में मुंबई और अहमदाबाद के बीच शिंकानसेन बुलेट ट्रेन सेवा शुरू होने की उम्मीद जताई।

भारत को 2000 से 2024 के बीच जापान से 43 अरब डॉलर से अधिक प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) प्राप्त हुआ है, जिससे यह भारत का पांचवां सबसे बड़ा विदेशी निवेश स्रोत बन गया है।

इसके अलावा, मंत्री ने कहा कि दोनों देश वैश्विक रूप से प्रतिस्पर्धी ब्रांड बनाने के लिए सहयोग कर रहे हैं। उन्होंने मारुति द्वारा जापान सहित विभिन्न देशों को वाहनों के निर्यात का उदाहरण दिया।

गोयल ने भारत के जीडीपी में विनिर्माण का हिस्सा बढ़ाकर 25 प्रतिशत (वर्तमान लगभग 16-17 प्रतिशत) करने के उद्देश्य को दोहराया। उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य को प्राप्त करने में जापान की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

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