जरुरी जानकारी | दीर्घकालिक टिकाऊ विकास के लिए प्रभावी कॉरपोरेट प्रशासन जरूरीः राष्ट्रपति

नयी दिल्ली, चार सितंबर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को कहा कि देश के दीर्घकालिक टिकाऊ विकास और समावेशी विकास के लिए प्रभावी कॉरपोरेट प्रशासन भी जरूरी है।

राष्ट्रपति ने भारतीय कॉरपोरेट कानून सेवा (आईसीएलएस) के परिवीक्षाधीन (प्रोबेशनर) अधिकारियों के एक समूह को संबोधित करते हुए कहा कि वे कॉरपोरेट जगत के नियामक के रूप में कार्य करते हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘आप हमेशा याद रखें कि आपके कार्यों का देश के औद्योगिक और शासन पारिस्थितिकी तंत्र पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ेगा। कॉरपोरेट प्रशासन के ढांचे से होकर अपना रास्ता बनाते समय आपको अपनी सत्यनिष्ठा बरकरार रखनी चाहिए।’’

मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित कार्यक्रम में कहा, ‘‘यह सुनिश्चित करना आपका कर्तव्य होगा कि कंपनियों का प्रबंधन शेयरधारकों और अन्य हितधारकों के सर्वोत्तम हित में हो। कुशल प्रशासन मॉडल के जरिये आपको यह सुनिश्चित करना होगा कि कंपनियां नैतिक संस्कृति का पालन करें और हितधारकों के अधिकारों का सम्मान करें।’’

उन्होंने कहा कि देश के दीर्घकालिक सतत विकास और समावेशी विकास के लिए असरदार कॉरपोरेट प्रशासन भी जरूरी है। उन्होंने कहा, ‘‘हमारे देश में कई नियम लागू किए गए हैं ताकि कंपनियां अच्छे कॉरपोरेट प्रशासन ढंग से चलें। आपको इन नियमों को लागू करने के लिए कड़ी मेहनत, चतुराई और ईमानदारी से काम करना चाहिए।’’

राष्ट्रपति ने इन अधिकारियों से नागरिकों के प्रति जिम्मेदारी की भावना के साथ काम करने को कहा। उन्होंने कहा, ‘‘कंपनी अधिनियम में विशेषज्ञता या वित्तीय कानूनों का ज्ञान आपके कुशल कामकाज के लिए मूलभूत जरूरत है। इसके साथ आपको देश और इसके लोगों के प्रति सेवा की भावना भी अपनानी होगी।’’

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