जरुरी जानकारी | इंजीनियरिंग उत्पादों का निर्यात बढ़ाने के लिए ईईपीसी की वाना क्षेत्र पर नजर

कोलकाता, सात जून इंजीनियरिंग निर्यात संवर्धन परिषद (ईईपीसी) ने बुधवार को कहा कि वह निर्यात बढ़ाने के लिए पश्चिम एशियाई और उत्तर अफ्रीकी देशों (वाना) पर ध्यान केंद्रित करेगी।

ईईपीसी ने एक बयान में कहा कि वाना क्षेत्र के देशों के साथ विशेष रूप से इंजीनियरिंग निर्यात के लिए द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाने की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं। ।

परिषद जार्डन में एक प्रदर्शनी 'इंडी' भी आयोजित कर रही है। जॉर्डन इस क्षेत्र में भारत का चौथा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। वर्ष 2022 में जार्डन के लिए भारत का इंजीनियरिंग निर्यात 13.64 करोड़ डॉलर रहा था।

बयान में ईईपीसी के अध्यक्ष अरुण कुमार गरोडिया ने कहा कि पश्चिम एशियाई क्षेत्र में रणनीतिक रूप से स्थित जार्डन का अमेरिका के साथ एक मुक्त व्यापार समझौता है, जिसके कारण वहां से अमेरिका को निर्यात किए जाने वाले अधिकांश उत्पादों पर शून्य सीमा शुल्क लगता है।

उन्होंने कहा कि भारतीय कंपनियों के लिए जार्डन के जरिये अमेरिका को निर्यात करने के अलावा सीरिया, लेबनान, इराक और इज़राइल के पड़ोसी देशों को निर्यात करना फायदेमंद है।

ईईपीसी ने कहा कि भारत को जार्डन, इज़राइल और क्षेत्र के अन्य देशों के साथ एक मुक्त व्यापार समझौता करना चाहिए ताकि कम सीमा शुल्क के मामले में भारतीय विनिर्माताओं को एकसमान अवसर प्रदान किया जा सके।

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