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एडिटर्स गिल्ड ने गुजराती समाचार पोर्टल के संपादक के खिलाफ कार्रवाई, पत्रकार को दिल्ली पुलिस के नोटिस की निंदा की

संस्था ने कहा कि राज्य और केंद्र सरकारों को स्वतंत्र मीडिया को धमकाने के लिए कानून का दुरुपयोग करने से बचना चाहिए।

एडिटर्स गिल्ड ने गुजराती समाचार पोर्टल के संपादक के खिलाफ कार्रवाई, पत्रकार को दिल्ली पुलिस के नोटिस की निंदा की
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नयी दिल्ली, 13 मई एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया ने एक गुजराती समाचार पोर्टल के संपादक पर देशद्रोह का मामला दर्ज किये जाने तथा एक अंग्रेजी अखबार के पत्रकार से दिल्ली पुलिस द्वारा तबलीगी जमात नेता मौलाना साद के ऑडियो क्लिप के मामले में जांच में शामिल होने के लिए कहे जाने की बुधवार को निंदा की।

संस्था ने कहा कि राज्य और केंद्र सरकारों को स्वतंत्र मीडिया को धमकाने के लिए कानून का दुरुपयोग करने से बचना चाहिए।

गिल्ड ने एक बयान में कहा कि वह देश के विभिन्न हिस्सों में पत्रकारों को डराने-धमकाने के लिए अपराध कानूनों के दुरुपयोग के बढ़ते चलन से चिंतित है।

गिल्ड ने गुजरात समाचार पोर्टल ‘फेस ऑफ नेशन’ के संपादक और मालिक धवल पटेल पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज करने और उन्हें एक खबर प्रकाशित करने के मामले में 11 मई को राज्य पुलिस द्वारा हिरासत में लिये जाने की घटना का उल्लेख किया। खबर में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को लेकर हो रही आलोचनाओं के कारण राज्य में नेतृत्व परिवर्तन की संभावना व्यक्त की गयी थी।

पटेल पर आईपीसी की धारा 124ए के तहत देशद्रोह का मामला और आपदा प्रबंधन कानून की धारा 54 के तहत झूठी अफवाह फैलाने का मामला दर्ज किया गया है।

गिल्ड ने कहा कि यह विशेष कानूनों का दुरुपयोग है।

उसने कहा कि दूसरा मामला दिल्ली पुलिस की अनुचित कार्रवाई से जुड़ा है।

बयान के अनुसार, ‘‘दिल्ली पुलिस ने 10 मई को इंडियन एक्सप्रेस के विशेष संवाददाता महेंद्र सिंह मनराल को अखबार के शहर संपादक तथा मुख्य संवाददाता के माध्यम से नोटिस भेजकर तबलीगी जमात के नेता मौलाना साद की ऑडियो क्लिप में छेड़छाड़ की संभावना का पुलिस जांच में पता चलने संबंधी खबर के मामले में पत्रकार के जांच में शामिल होने की जरूरत बताई। ’’

गिल्ड ने कहा, ‘‘मनराल पर किसी कानून के तहत मामला दर्ज नहीं किया गया है, लेकिन उन्हें धमकाया गया कि जांच में शामिल नहीं होने पर आईपीसी की धारा 174 के तहत कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है जिसमें कैद और जुर्माने का प्रावधान है।’’

बयान के अनुसार गिल्ड ने इन कार्रवाइयों की निंदा करते हुए राज्य और केंद्र की सरकारों से स्वतंत्र प्रेस को धमकाने के लिए कानून का दुरुपयोग करने से बचने को कहा है।

प्रेस क्लब ऑफ इंडिया (पीसीआई) ने भी इंडियन एक्सप्रेस के पत्रकार के संबंध में दिल्ली पुलिस की कार्रवाई की निंदा की है।

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(The above story first appeared on LatestLY on May 13, 2020 05:54 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).