जरुरी जानकारी | अत्यधिक आयात से खाद्यतेलों के दाम टूटे

नयी दिल्ली, 28 अप्रैल सोयाबीन और सूरजमुखी जैसे आयातित तेलों के थोक दाम बेहद कमजोर रहने के बीच शुक्रवार को स्थानीय मंडियों में ज्यादातर तेल तिलहनों के भाव में गिरावट देखी गई। सरसों, मूंगफली तेल तिलहन, कच्चा पाम तेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तथा बिनौला तेल में गिरावट रही जबकि किसानों के अपनी उपज मंडियों में कम लाने की वजह से सोयाबीन तेल तिलहन के भाव पूर्वस्तर पर बने रहे।

जानकार सूत्रों ने कहा कि मई दिवस के मौके पर सोमवार को तेल तिलहन बाजार बंद रहेंगे। शिकागो एक्सचेंज में कल रात लगभग 3.25 प्रतिशत की गिरावट थी और फिलहाल यहां कोई घट बढ़ नहीं है। मलेशिया एक्सचेंज में लगभग तीन प्रतिशत की गिरावट रही और शाम को बाजार बंद है।

सूत्रों ने कहा कि नजफगढ़ मंडी में आज सरसों 4150-4350 रुपये क्विन्टल के भाव बिका है जबकि इसका न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 5450 रुपये क्विन्टल है। खाद्यतेल में वृद्धि के समय जो लोग हो हल्ला मचाते हैं, उन्हें मौजूदा हाल पर भी गौर करने की जरुरत है कि देश की राजधानी की मंडी में क्या हो रहा है। अन्य कई स्थानों पर भी सरसों, एमएसपी से 10-15 प्रतिशत नीचे ही बिकने की शिकायत मिली है।

उन्होंने कहा कि हाल यह है कि आयातित सूरजमुखी और सोयाबीन तेल के दाम इस कदर टूटे पड़े हैं कि देशी बिनौला, सरसों और सोयाबीन जैसे तिलहन बाजार में खपना नामुमकिन हो गया है। तेल मिलों को पेराई करने में 7-8 रुपये किलो का नुकसान है।

सूत्रों ने कहा कि आयातित सोयाबीन तेल (रिफाइंड) का थोक दाम बंदरगाह पर 82 रुपये लीटर बैठता है। थोक में इसे प्रीमियम राशि के साथ इसे 92-93 रुपये लीटर के भाव बेचा जाता है। जबकि खुदरा बाजार में इसे फिर से प्रीमियम राश के साथ 125-130 रुपये लीटर के भाव बेचा जाता है। दूसरी ओर पामोलीन (ज्यादातर कम आयवर्ग में खपत होने वाला खाद्यतेल) का आयात भाव 89 रुपये लीटर है और इसे आगे बिना प्रीमियम राशि के थोक में नुकसान के साथ 83 रुपये लीटर के भाव से बेचा जाता है। खुदरा में पामोलीन 100-105 रुपये लीटर के भाव मिलता है।

सूत्रों ने कहा कि सूरजमुखी और सोयाबीन तेल जब सस्ते चल रहे हैं तो ऐसे में पामोलीन का आयात घट रहा है। आगे इसका आयात और घटेगा और गरीबों के लिए इसकी उपलब्धता घटेगी। प्रीमियम पर महंगा बिकने से ‘सॉफ्ट आयल’ (नरम तेल) गरीबों की पहूंच से पहले ही बाहर है और पामोलीन के आयात घटने की संभावनाओं के बीच इन कम आयवर्ग के उपभोक्ताओं की स्थिति की कल्पना की जा सकती है।

उन्होंने कहा कि मौजूदा स्थिति के अनुरूप, जिस कदर आयातित खाद्यतेलों का भाव जमीन सूंघ रहा है, वैसे में मूंगफली तेल तिलहन को छोड़कर सरसों पक्की घानी, सोयाबीन, सूरजमुखी, बिनौला सहित सभी खाद्यतेलों का खुदरा भाव 100-107 रुपये लीटर से अधिक नहीं होना चाहिये। लेकिन बाजार जाकर वास्तविक स्थिति का जायजा लेने पर स्थिति अलग नजर आती है।

शुक्रवार को तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:

सरसों तिलहन - 4,800-4,900 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली - 6,750-6,810 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 16,650 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली रिफाइंड तेल 2,520-2,785 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 9,050 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 1,520-1,590 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 1,520-1,630 रुपये प्रति टिन।

तिल तेल मिल डिलिवरी - 18,900-21,000 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 10,200 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 10,000 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 8,500 रुपये प्रति क्विंटल।

सीपीओ एक्स-कांडला- 8,650 रुपये प्रति क्विंटल।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 8,650 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 9,850 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन एक्स- कांडला- 8,950 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।

सोयाबीन दाना - 5,185-5,235 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन लूज- 4,935-5,015 रुपये प्रति क्विंटल।

मक्का खल (सरिस्का)- 4,010 रुपये प्रति क्विंटल।

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