देश की खबरें | महुआ मोइत्रा को ‘बदले की राजनीति’ के तहत ईडी समन जारी किया गया: तृणमूल कांग्रेस

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए बुधवार को कहा कि कृष्णानगर क्षेत्र से पार्टी उम्मीदवार महुआ मोइत्रा को ‘‘बदले की राजनीति’’ के तहत प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का समन जारी किया गया है और चुनाव से पहले एजेंसियों का ‘‘दुरुपयोग’’ किया जा रहा है।

कोलकाता, 27 मार्च तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए बुधवार को कहा कि कृष्णानगर क्षेत्र से पार्टी उम्मीदवार महुआ मोइत्रा को ‘‘बदले की राजनीति’’ के तहत प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का समन जारी किया गया है और चुनाव से पहले एजेंसियों का ‘‘दुरुपयोग’’ किया जा रहा है।

ईडी ने विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम (फेमा) उल्लंघन मामले में पूछताछ के लिए तृणमूल कांग्रेस नेता मोइत्रा और कारोबारी दर्शन हीरानंदानी को नया समन जारी कर 28 मार्च को तलब किया है। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी।

टीएमसी प्रवक्ता कृष्णु मित्रा ने कहा, ‘‘यह महुआ मोइत्रा के खिलाफ बदले की राजनीति के अलावा कुछ नहीं है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पास टीएमसी का मुकाबला करने के लिए कोई मुद्दा नहीं है और वह चुनाव से पहले केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है।’’

उन्होंने दावा किया कि लोगों के बीच बढ़ते असंतोष को देखते हुए, भाजपा विमर्श को बदलने के लिए हर संभव तरीके का इस्तेमाल कर रही है।

मित्रा ने कहा, ‘‘उन्हें संसदीय समिति के समक्ष अपना पक्ष रखने की अनुमति नहीं दी गई और फिर उन्हें निष्कासित कर दिया गया। अब, केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के छापे और ईडी समन। इससे भाजपा को कुछ भी हासिल नहीं होगा।’’

इस बीच भाजपा की राज्य इकाई के नेता राहुल सिन्हा ने आरोप लगाया कि टीएमसी भ्रष्टाचार में लिप्त है। उन्होंने कहा, ‘‘जब भी ईडी या सीबीआई छापेमारी करती है या टीएमसी नेताओं को तलब करती है, तो वे दावा करते हैं कि कार्रवाई राजनीति से प्रेरित है। सच्चाई तो यह है कि टीएमसी आकंठ भ्रष्टाचार में डूबी हुई है। मोइत्रा ने जो कुछ किया वह संसदीय लोकतंत्र के लिए शर्मनाक है।’’

केंद्रीय एजेंसी ने इससे पहले भी तृणमूल नेता को दो बार पूछताछ के लिए बुलाया था लेकिन वह आधिकारिक काम का हवाला देकर उपस्थित नहीं हुईं और नोटिस को टालने की मांग की थी।

भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने ‘रिश्वत लेकर सवाल पूछने’ के मामले में भ्रष्टाचार रोधी संस्थान लोकपाल को शिकायत दी थी जिसने जांच के निर्देश गए थे। इसके कुछ दिन बाद शनिवार को सीबीआई ने इस संबंध में मोइत्रा के परिसर की तलाशी ली थी।

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