देश की खबरें | भाजपा की ‘बदले की राजनीति’ के तहत कांग्रेस सांसद और विधायकों पर ईडी के छापे : सुरजेवाला
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. कांग्रेस महासचिव और कर्नाटक प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला ने बुधवार को आरोप लगाया कि राज्य में पार्टी के एक सांसद और तीन विधायकों के परिसरों पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी भाजपा के ‘‘डीएनए में गहरी जड़ें जमाए राजनीतिक बदले’’ को दर्शाती है।
बेंगलुरु, 11 जून कांग्रेस महासचिव और कर्नाटक प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला ने बुधवार को आरोप लगाया कि राज्य में पार्टी के एक सांसद और तीन विधायकों के परिसरों पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी भाजपा के ‘‘डीएनए में गहरी जड़ें जमाए राजनीतिक बदले’’ को दर्शाती है।
उन्होंने केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार गरीबों, किसानों और मध्यम वर्ग सहित सभी वर्गों के कल्याण पर ध्यान केंद्रित कर रही है, वहीं भाजपा बेल्लारी से लोकसभा सदस्य ई तुकाराम और विधायकों नारा भरत रेड्डी (बेल्लारी शहर), जे एन गणेश (कांपली) और एनटी श्रीनिवास (कुडलिगी) पर हमला कर कांग्रेस के ‘‘जन-हितैषी’’ शासन को बदनाम करने के लिए ‘‘कुटिल’’ रणनीति का सहारा ले रही है।
सुरजेवाला ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जारी एक पोस्ट में सवाल किया, ‘‘ क्या कर्नाटक में कांग्रेस सरकार की गारंटी योजनाओं की सफलता ने भाजपा की नींद उड़ा दी है? क्या एसटी, एससी और ओबीसी नेताओं के प्रति नफरत इतनी प्रबल है कि संतुलन और निष्पक्षता की सारी भावना खत्म हो गई है?’’
प्रवर्तन निदेशालय ने बुधवार को कथित वाल्मीकि घोटाले से जुड़े धन शोधन मामले में बेल्लारी से कांग्रेस सांसद तुकाराम और पार्टी के तीन विधायकों के खिलाफ छापेमारी की।
सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि भाजपा ने केंद्र सरकार द्वारा नियंत्रित अपनी कठपुतली ईडी के जरिए अब कांग्रेस विधायकों के घरों और कार्यालयों पर छापेमारी शुरू कर दी है।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया, ‘‘इससे पहले उसने ईडी के उसी शरारती उपकरण के जरिए ओबीसी मुख्यमंत्री सिद्धरमैया और भूमिपुत्र उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार को निशाना बनाया। फिर, भाजपा ने ईडी के छापों के साथ बड़े दलित नेता और गृह मंत्री परमेश्वर को निशाना बनाया और अब एसटी सांसद और एसटी विधायकों को निशाना बनाया है।’’
उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘यह भाजपा के डीएनए में चल रही गहरी राजनीतिक प्रतिशोध की भावना को उजागर करता है। वे विपक्षी नेताओं पर राजनीतिक द्वेष के कारण हमला करने के लिए एजेंसियों को हथियार के तौर पर इस्तेमाल जारी रखे हुए हैं। लेकिन इन ईडी छापों की वास्तविकता देखिए - पिछले 10 वर्षों में, 193 राजनीति से प्रेरित ईडी मामले दर्ज किए गए हैं, लेकिन केवल दो मामलों में ही सजा हुई है!’’ सुरजेवाला ने केंद्र पर विपक्षी आवाजों को ‘‘कुचलने’’ के लिए ईडी का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा, ‘‘साफ तौर पर ईडी कुछ और नहीं बल्कि विपक्षी आवाजों को डराने और कुचलने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली कठपुतली है। इन भयावह प्रयासों के बावजूद (प्रधानमंत्री नरेन्द्र)मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार का सत्ता का दुरुपयोग कांग्रेस पार्टी की एकता को तोड़ नहीं सकता या लोकतंत्र को कमजोर नहीं कर सकता।’’
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