नयी दिल्ली, 19 अगस्त मध्य प्रदेश के धार जिले में राज्य सरकार की जमीन की कथित अवैध बिक्री की धन शोधन जांच के तहत छापेमारी में लगभग 26 लाख रुपये की नकदी और कुछ ‘‘आपत्तिजनक’’ दस्तावेज जब्त किए गए। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शनिवार को एक बयान में यह जानकारी दी।
बयान में कहा गया कि राज्य सरकार की 151 करोड़ रुपये की जमीन की अवैध रूप से बिक्री से संबंधित मामले में छापेमारी की गई। धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की आपराधिक धाराओं के तहत इस सप्ताह की शुरुआत में धार जिले में आठ परिसरों में तलाशी ली गई।
धन शोधन का मामला मध्य प्रदेश पुलिस की प्राथमिकी पर आधारित है, जो ‘‘सुधीर रत्नाकर, पीटर दास और अन्य लोगों द्वारा एक-दूसरे की मिलीभगत से राज्य सरकार की जमीनों के अवैध हस्तांतरण’’ से संबंधित है।
ईडी ने कहा कि संबंधित जमीन धार के तत्कालीन ‘महाराजा’ आनंद राव पवार द्वारा कनाडाई प्रेस्बिटेरियन मिशन की डॉ. मार्गरेट ओ'हारा को महिला अस्पताल और डॉक्टरों के लिए आवासीय सुविधा स्थापित करने के उद्देश्य से दी गई थी।
बयान में कहा गया कि आरोपियों ने ‘‘एक-दूसरे के साथ मिलकर’’ मध्य प्रदेश सरकार की कई एकड़ बेशकीमती जमीन को अवैध रूप से बेच दिया और आज की तारीख में इन भूखंड का बाजार मूल्य 151 करोड़ रुपये से अधिक होने का अनुमान है।
ईडी ने कहा, ‘‘इन जमीनों को अलग कर दिया गया और बाद में विभिन्न आरोपियों को बेच दिया गया, जिससे मध्य प्रदेश सरकार को भारी नुकसान हुआ।’’
बयान में कहा गया कि तलाशी के दौरान लगभग 26 लाख रुपये की नकदी, अवैध रूप से अर्जित अचल संपत्तियों का विवरण और ‘‘आपत्तिजनक’’ दस्तावेज जब्त किए गए।
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