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देश की खबरें | ईडी ने दिल्ली जल बोर्ड से जुड़े धनशोधन मामले में पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन से पूछताछ की

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली के पूर्व मंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) के नेता सत्येंद्र जैन दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) के कुछ सीवेज शोधन संयंत्रों के विस्तार में कथित भ्रष्टाचार से जुड़े धनशोधन मामले में पूछताछ के लिए बृहस्पतिवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समक्ष पेश हुए। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी।

देश की खबरें | ईडी ने दिल्ली जल बोर्ड से जुड़े धनशोधन मामले में पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन से पूछताछ की

नयी दिल्ली, तीन जुलाई दिल्ली के पूर्व मंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) के नेता सत्येंद्र जैन दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) के कुछ सीवेज शोधन संयंत्रों के विस्तार में कथित भ्रष्टाचार से जुड़े धनशोधन मामले में पूछताछ के लिए बृहस्पतिवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समक्ष पेश हुए। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी।

सूत्रों ने बताया कि जैन (60) पूर्वाह्न करीब 11:15 बजे संघीय जांच एजेंसी के कार्यालय पहुंचे और धनशोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के तहत उनका बयान दर्ज किया गया।

आम आदमी पार्टी (आप) के नेता जैन के पास अरविंद केजरीवाल नीत सरकार में स्वास्थ्य, उद्योग, बिजली, लोक निर्माण विभाग, गृह और शहरी विकास जैसे विभाग थे।

यह तीसरी धनशोधन जांच है जिसमें ईडी जैन की भूमिका की जांच कर रही है।

जैन को 2022 में ईडी ने गिरफ़्तार किया था और बाद में कथित हवाला लेन-देन एवं आय से अधिक संपत्ति के मामले में आरोपपत्र दाखिल किया गया था।

हाल में ईडी ने जैन, पूर्व उपमुख्यमंत्री और आप नेता मनीष सिसोदिया के खिलाफ कक्षा निर्माण घोटाले के संबंध में मामला दर्ज किया था।

ताजा मामले की जांच दिल्ली जल बोर्ड के कुछ सीवेज शोधन संयंत्रों के विस्तार में भ्रष्टाचार के आरोपों से संबंधित है। ईडी ने पिछले साल जुलाई में इस मामले में छापेमारी की थी।

धनशोधन मामले की जांच दिल्ली सरकार की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) द्वारा ‘यूरोटेक एनवायरनमेंटल प्राइवेट लिमिटेड’ नामक कंपनी और अन्य के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी से संबंधित है। इसमें पप्पनकला, निलोठी, नजफगढ़, केशोपुर, कोरोनेशन पिलर, नरेला, रोहिणी और कोंडली में 10 सीवेज शोधन संयंत्रों (एसटीपी) के विस्तार और उन्नयन के नाम पर दिल्ली जल बोर्ड में घोटाले का आरोप लगाया गया है।

एसीबी के अनुसार, चार निविदाओं में केवल तीन संयुक्त उद्यम कंपनियों ने भाग लिया था।

अक्टूबर 2022 में 1,943 करोड़ रुपये मूल्य की ये चार निविदाएं विभिन्न संयुक्त उद्यम (जेवी) संस्थाओं को दी गईं।

ईडी के अनुसार, निविदा दस्तावेजों के सत्यापन से पता चलता है कि चार निविदाओं की प्रारंभिक लागत लगभग 1,546 करोड़ रुपये थी, जिसे उचित प्रक्रिया/परियोजना रिपोर्ट का पालन किए बिना संशोधित कर 1,943 करोड़ रुपये कर दिया गया।

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(The above story first appeared on LatestLY on Jul 03, 2025 04:14 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).