देश की खबरें | शिवकुमार के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं करने के लिए ईडी बाध्य है : दिल्ली उच्च न्यायालय

नयी दिल्ली, दो मई दिल्ली उच्च न्यायालय ने धन शोधन के एक मामले की जांच के खिलाफ कांग्रेस की कर्नाटक इकाई के प्रमुख डी. के. शिवकुमार की याचिका पर सुनवाई मंगलवार को टाल दी। इसके साथ ही अदालत ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) इस समय उनके खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई नहीं करने के अपने रख पर कायम रहने के लिए बाध्य है।

कांग्रेस नेता ने आय से कथित तौर पर अधिक संपत्ति रखने के मामले में, 2020 में ईडी द्वारा दर्ज प्रवर्तन निदेशालय सूचना रिकार्ड (ईसीआईआर) के सिलसिले में उन्हें समन जारी किये जाने सहित पूरी जांच रद्द करने का अनुरोध करते हुए पिछले साल उच्च न्यायालय का रुख किया था।

जांच एजेंसी के वकील ने अतिरिक्त सॉलिसीटर जनरल (एएसजी) एस वी राजू की अनुपलब्धता के आधार पर सुनवाई स्थगित करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि याचिकाकर्ता को कार्यवाही में एजेंसी द्वारा अपनाये गये रुख के मद्देनजर ‘संरक्षण’ प्राप्त हुआ है।

ईडी के वकील ने कहा कि एएसजी दिल्ली में नहीं हैं। साथ ही, उन्होंने कहा कि जो कुछ भी व्यवस्था है वह जारी रहेगी।

सुनवाई के लिए एएसजी के उपलब्ध होने की तारीख के बारे में ईडी से सवाल करते हुए न्यायमूर्ति मुक्ता गुप्ता की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा, ‘‘इस अवधि के दौरान, प्रतिवादी कठोर कार्रवाई नहीं करने के सिलसिले में एएसजी को दिये गये निर्देशों का पालन करने के लिए बाध्य होंगे।’’

पीठ के सदस्यों में न्यायमूर्ति पूनम ए बंबा भी शामिल हैं।

पीठ ने कहा, ‘‘सुनवाई की नयी तारीख सूचीबद्ध की जाए, जिस दिन एएसजी उपलब्ध होंगे।’’ मामले में अगली सुनवाई 18 मई को होगी।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)