देश की खबरें | अर्थशास्त्री दीपक नैयर ने रोहिणी नैयर पुरस्कार के लिए दो करोड़ रुपये का योगदान दिया

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नयी दिल्ली, 10 जुलाई प्रसिद्ध अर्थशास्त्री दीपक नैयर ने रोहिणी नैयर पुरस्कार को कायम रखने के लिए एक निधि बनाने के वास्ते दो करोड़ रुपये का योगदान दिया है। देश में ग्रामीण विकास में उत्कृष्ट योगदान के लिए इस वार्षिक पुरस्कार के तहत 10 लाख रुपये प्रदान किये जाते हैं।

यह पुरस्कार, नैयर की दिवंगत पत्नी एवं प्रख्यात अर्थशास्त्री-प्रशासक डॉ. रोहिणी नैयर की स्मृति में गैर-लाभकारी ‘नैयर फाउंडेशन फॉर सोशल एंड इकनॉमिक पर्पज़’ द्वारा प्रदान किया जाता है।

फाउंडेशन के बोर्ड में निदेशक नैयर ने कहा, ‘‘मैंने नैयर फाउंडेशन के लिए दो करोड़ रुपये की निधि बनाने के लिए अपने व्यक्तिगत संसाधनों से दो करोड़ रुपये का योगदान दिया है, जो रोहिणी नैयर पुरस्कार को हमेशा के लिए बनाए रखने के लिए पर्याप्त होगा।’’

फाउंडेशन के बोर्ड के निदेशक नैयर ने कहा, ‘‘मुझे खुशी है कि हम ग्रामीण विकास के क्षेत्र में उत्कृष्ट युवा पेशेवरों के काम को कई वर्षों, यहां तक कि दशकों तक मान्यता देना जारी रख सकेंगे।’’

यह पुरस्कार प्रतिवर्ष 40 वर्ष से कम आयु के व्यक्ति को प्रदान किया जाता है। पहला पुरस्कार पिछले साल पूर्वी नगालैंड में बेटर लाइफ फाउंडेशन के संस्थापक एस. संगतम को पूर्वोत्तर राज्य के सुदूर हिस्से में किसानों की आय को चौगुना करने में मदद करने के लिए दिया गया था।

संगतम को दिसंबर में यहां एक समारोह में नीति आयोग के उपाध्यक्ष सुमन बेरी से 10 लाख रुपये की पुरस्कार राशि, एक प्रशस्ति पत्र और एक ट्रॉफी मिली थी। पुरस्कार के दूसरे संस्करण के लिए आवेदन और नामांकन अब खुले हैं।

रोहिणी नैयर ने अपने पेशेवर जीवन का अधिकांश समय भारत में ग्रामीण विकास से संबंधित मुद्दों पर काम करते हुए बिताया। एक जानीमानी अर्थशास्त्री, रोहिणी नैयर तत्कालीन योजना आयोग की पूर्व प्रमुख सलाहकार भी थीं।

दीपक और रोहिणी नैयर के बेटे धीरज नैयर ने कहा, ‘‘यह पुरस्कार भारत में किसी महिला की याद में दिये जाने वाले कुछ गिने-चुने पुरस्कारों में से एक है। पुरस्कार के पहले संस्करण के लिए हमें मिली भारी प्रतिक्रिया से हम उत्साहित थे और हम 2023 के संस्करण के लिए देश के हर हिस्से से नामांकन और आवेदनों को प्रोत्साहित करते हैं।’’

दीपक नैयर प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया के निदेशक मंडल के चार स्वतंत्र निदेशकों में से एक हैं। स्वतंत्र निदेशकों के अलावा, बोर्ड में 12 शेयरधारक-निदेशक हैं, जो भारत के प्रमुख समाचार पत्रों का प्रतिनिधित्व करते हैं।

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