जरुरी जानकारी | परमाणु रिएक्टर की स्थापना के लिए निजी निवेश आकर्षित करने को वित्त की सुगम व्यवस्था जरूरी: रिपोर्ट
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. नीति आयोग ने देश के ऊर्जा क्षेत्र को कार्बन उत्सर्जन से मुक्त करने के लिए छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर की स्थापना को बढ़ावा देने के लिये सरल तथा आकर्षक वित्तपोषण व्यवस्था की वकालत की है। इसमें हरित बॉन्ड और वित्तपोषण का मिश्रित रूप शामिल हैं।
नयी दिल्ली, 16 मई नीति आयोग ने देश के ऊर्जा क्षेत्र को कार्बन उत्सर्जन से मुक्त करने के लिए छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर की स्थापना को बढ़ावा देने के लिये सरल तथा आकर्षक वित्तपोषण व्यवस्था की वकालत की है। इसमें हरित बॉन्ड और वित्तपोषण का मिश्रित रूप शामिल हैं।
आयोग ने ‘ऊर्जा बदलाव में छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर की भूमिका’ शीर्षक से जारी रिपोर्ट में यह भी सुझाव दिया है कि कम लागत पर वित्तपोषण की सुविधा, हरित वित्तपोषण और परमाणु ऊर्जा लगाने को पर्यावरण रूप से सतत निवेश के दायरे में रखने की व्यवस्था से छोटी मॉड्यूलर रिएक्टर परियोजनाओं का अर्थशास्त्र बेहतर हो सकता है।
इसमें कहा गया है, ‘‘छोटी मॉड्यूलर रिएक्टर (एसएमआर) परियोजनाओं को लेकर जोखिम कम करने तथा हरित बॉन्ड आदि जैसे आकर्षक वित्तीय व्यवस्था से निजी निवेश को प्रोत्साहित किया जा सकता है।’’
अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के अनुसार, एसएमआर अत्याधुनिक परमाणु रिएक्टर हैं। इसकी बिजली उत्पादन क्षमता 30 एमडब्ल्यूई (मेगावॉट इलेक्ट्रिक) से 300 से ज्यादा एमडब्ल्यूई होती है।
रिपोर्ट के अनुसार, ‘‘इसीलिए सार्वजनिक और निजी क्षेत्रों को शुरुआती चरण के वित्तपोषण के वैकल्पिक स्रोतों की पहचान करने को लेकर साथ मिलकर काम करने की जरूरत है।’’
इसमें कहा गया है कि सफलतापूर्वक एसएमआर प्रौद्योगिकी की तैनाती को लेकर निजी क्षेत्र से निवेश जरूरी है। ऐसे में निजी निवेश आकर्षित करने को लेकर मजबूत और प्रौद्योगिकी-तटस्थ नीति विधान की जरूरत है।
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