गुवाहाटी, 11 जुलाई असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने मंगलवार को कहा कि पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल के 100 से अधिक लोगों ने पंचायत चुनाव में हिंसा के बाद जान का खतरा होने की वजह से यहां शरण ली है।
शर्मा ने कहा कि इन लोगों को राहत शिविरों में आश्रय दिया गया है। उन्होंने इन लोगों को भरोसा दिलाया कि संकट के समय में उन्हें सभी तरह की मानवीय सहायता प्रदान की जाएगी।
इस बीच, पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता शुभेंदु अधिकारी ने कहा,‘‘पश्चिम बंगाल के भयभीत विपक्षी कार्यकर्ताओं को राहत पहुंचाने के लिए शर्मा को धन्यवाद ज्ञापित किया है।’’
वहीं, पश्चिम बंगाल सरकार की मंत्री शशि पांजा ने संकेत दिया है कि असम के मुख्यमंत्री ‘‘गलत दावा कर रहे हैं और भय का माहौल पैदा कर रहे हैं।’’
शर्मा ने ट्वीट किया, ‘‘कल, पश्चिम बंगाल पंचायत चुनाव में हिंसा की वजह से अपनी जान का खतरा महसूस कर रहे 133 लोगों ने असम के धुबरी जिले में शरण देने का अनुरोध किया। हमने उन्हें आश्रय शिविर में शरण दी है। साथ ही भोजन और चिकित्सा सहायता भी प्रदान कर रहे हैं।’’
असम के मुख्यमंत्री ने लिखा, ‘‘हम पश्चिम बंगाल के लोगों को अपना मूल्यवान और सम्मानित पड़ोसी मानते हैं। पश्चिम बंगाल के पिछले विधानसभा चुनाव में भी हमने इसी तरह की सहायता दी थी। आप आश्वस्त रहें, संकट के समय में किसी भी मानवीय सहायता के लिए हमपर भरोसा कर सकते हैं।’’
पांजा ने कहा कि हिमंत विश्व शर्मा को भय का माहौल पैदा करने से पहले असम के उन 19 लाख लोगों की किस्मत पर उन्हें विचार करना चाहिए, जो एनआरसी (राष्ट्रीय नागरिक पंजी) की वजह से राज्यविहीन हो गये।
पश्चिम बंगाल में शनिवार को हुए पंचायत चुनावों में हिंसा में 15 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि मतपेटियों को नुकसान पहुंचाया गया था, मतपत्रों को आग लगा दी गई थी और कई स्थानों पर प्रतिद्वंद्वियों पर बम फेंके गए थे।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY