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जरुरी जानकारी | आयात शुल्क मूल्य में बढ़ने से खाद्य तेलों के भाव औंधे मुंह गिरे, सोयाबीन, सरसों, पॉम तेल के भाव टूटे

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. देश में आयात किये जाने वाले खाद्य तेलों के आयात शुल्क मूल्य में वृद्धि किये जाने के बाद विदेशों में तेल तिलहनों के भाव टूट गये। इसके परिणामस्वरूप दिल्ली तेल तिलहन बाजार में भी शनिवार को सरसों, बिनौला, सोयाबीन, पाम एवं पामोलीन सहित लगभग सभी तेलों के भाव में गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, उपभोक्ता तक इस गिरावट का लाभ अभी पहुंचना बाकी है।

जरुरी जानकारी | आयात शुल्क मूल्य में बढ़ने से खाद्य तेलों के भाव औंधे मुंह गिरे, सोयाबीन, सरसों, पॉम तेल के भाव टूटे

नयी दिल्ली, 16 जनवरी देश में आयात किये जाने वाले खाद्य तेलों के आयात शुल्क मूल्य में वृद्धि किये जाने के बाद विदेशों में तेल तिलहनों के भाव टूट गये। इसके परिणामस्वरूप दिल्ली तेल तिलहन बाजार में भी शनिवार को सरसों, बिनौला, सोयाबीन, पाम एवं पामोलीन सहित लगभग सभी तेलों के भाव में गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, उपभोक्ता तक इस गिरावट का लाभ अभी पहुंचना बाकी है।

तेल उद्योग सूत्रों के अनुसार बृहस्पतिवार शाम को सरकार ने आयात शुल्क मूल्य में वृद्धि करते हुए सोयाबीन डीगम का आयात शुल्क मूल्य 1,072 डॉलर प्रति टन से बढ़ाकर 1,165 डॉलर प्रति टन कर दिया। इसी प्रकार कच्चे पॉम तेल का आयात शुल्क मूल्य 999 डॉलर प्रति टन से बढ़ाकर 1,049 डॉलर प्रति टन कर दिया। जबकि सीपीओ का बाजार भाव 1,005 डॉलर प्रति टन तथा सोयाबीन डीगम का बाजार भाव 1,090 डॉलर प्रति टन था। यानी सरकार ने इनके बाजार भाव से भी आगे बढ़कर आयात शुल्क मूल्य को बढ़ाया है। रुपये में यदि बात करें तो सोयाबीन डीगम में 265 रुपये क्विंटल और पॉम तेल में 127 रुपये क्विंटल शुल्क मूलय बढ़ाया गया है।

बाजार जानकारों ने आयात शुल्क मूल्य की गई वृद्धि को सही कदम बताते हुये कहा कि इससे विदेशी मुद्रा की बचत होगी और घरेलू उद्योग को समर्थन मिलेगा। सूत्रों ने बताया कि आयात शुल्क मूल्य बढ़ाये जाने के बाद शिकागो एक्सचेंज में सोयाबीन डीगम भाव में लगभग चार प्रतिशत की गिरावट आई। वहीं मलेशिया एक्सचेंज में भी दो से तीन प्रतिशत की गिरावट आने का अनुमान लगाया जा रहा है।

मलेशिया एक्सचेंज में गिरावट के रुख की वजह से सीपीओ और पामोलीन तेल कीमतों में भी गिरावट आई। सूत्रों के अनुसासर पिछले 10 दिनों में तेल तिलहन बाजार लगभग 10 प्रतिशत टूटा है लेकिन फुटकर विक्रेताओं और उपभोक्ताओं को दाम टूटने का कोई लाभ नहीं मिल रहा है। विदेशों में खाद्य तेलों के दाम में आई गिरावट का लाभ उपभोक्ता तक पहुंचना चाहिये।

बाजार में थोक भाव इस प्रकार रहे- (भाव- रुपये प्रति क्विंटल)

सरसों तिलहन - 6,075 - 6,125 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये।

मूंगफली दाना - 5,460- 5,525 रुपये।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात)- 13,700 रुपये।

मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड तेल 2,170 - 2,230 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 12,200 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 1,860 -2,010 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 1,990 - 2,105 रुपये प्रति टिन।

तिल तेल मिल डिलिवरी - 11,100 - 15,100 रुपये।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 12,200 रुपये।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 11,950 रुपये।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 10,900 रुपये।

सीपीओ एक्स-कांडला- 9,500 रुपये।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 10,300 रुपये।

पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 11,000 रुपये।

पामोलिन कांडला 10,100 (बिना जीएसटी के)

सोयाबीन तिलहन मिल डिलीवरी 4,675- 4,725 रुपये, लूज में 4,575- 4,610 रुपये

मक्का खल (सरिस्का) 3,525 रुपये

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(The above story first appeared on LatestLY on Jan 16, 2021 10:03 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).