विदेश की खबरें | आव्रजन विवाद के कारण दक्षिणपंथी सांसद वाइल्डर्स ने अपनी पार्टी को सत्तारूढ़ गठबंधन से अलग किया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. वाइल्डर्स के इस कदम से देश में राजनीतिक संकट पैदा हो गया है और प्रधानमंत्री डिक स्कोफ की 11 महीने पुरानी सरकार पर खतरे के बादल मंडराने लगे हैं।

श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

वाइल्डर्स के इस कदम से देश में राजनीतिक संकट पैदा हो गया है और प्रधानमंत्री डिक स्कोफ की 11 महीने पुरानी सरकार पर खतरे के बादल मंडराने लगे हैं।

वाइल्डर्स ने गठबंधन में शामिल चार दलों के नेताओं के साथ संसद में एक संक्षिप्त बैठक के बाद ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में इस निर्णय की जानकारी दी।

यह राजनीतिक संकट ऐसे वक्त में सामने आया है, जब नीदरलैंड तीन सप्ताह बाद हेग में नाटो नेताओं के शिखर सम्मेलन की मेजबानी करने वाला है।

दक्षिणपंथी ‘पीपुल्स पार्टी फॉर फ्रीडम एंड डेमोक्रेसी’ के नेता डिलैन येसिलगोज ने बैठक से पहले कहा कि स्कोफ ने नेताओं से जिम्मेदारी से काम करने का आग्रह किया है।

येसिलगोज ने संसद परिसर में संवाददाताओं से कहा, ‘‘प्रधानमंत्री ने आज सुबह हमसे कहा कि हम भारी अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, हमारे महाद्वीप पर युद्ध जारी है और हमारे सामने आर्थिक संकट भी आ सकता है।’’

हालांकि, कुछ ही मिनटों में बैठक समाप्त हो गई और इसी के साथ वाइल्डर्स ने अपनी पार्टी को भी सत्तारूढ़ गठबंधन से अलग कर लिया।

विपक्ष में वर्षों तक रहने के बाद वाइल्डर्स की पार्टी ने आव्रजन को कम करने के वादे पर चुनाव जीता था, लेकिन वह गठबंधन द्वारा योजनाओं को लागू करने के प्रयासों की धीमी गति को देखकर लगातार निराश हो रहे थे।

पिछले हफ्ते, वाइल्डर्स ने गठबंधन सहयोगियों से 10-सूत्री योजना पर हस्ताक्षर करने की मांग की थी, जिसका उद्देश्य सीमाओं की रक्षा के लिए सेना का इस्तेमाल करना और सभी शरणार्थियों को वापस भेजना था।

वाइल्डर्स ने कहा था कि अगर आव्रजन नीति को सख्त नहीं किया गया, तो उनकी पार्टी ‘‘कैबिनेट से बाहर हो जाएगी।’’

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