बेंगलुरू, 27 जुलाई कर्नाटक राज्य प्राकृतिक आपदा निगरानी केंद्र ने कृष्णा और कावेरी बेसिन की आठ नदियों के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से उच्च स्तर की सतर्कता बरतने का आग्रह किया है। इन नदियों में जल स्तर खतरे के निशान को पार कर गए हैं।
शनिवार तक कृष्णा बेसिन में बेलगावी में गोकक फॉल्स स्टेशन पर घाटप्रभा नदी, हावेरी में कुप्पेलुर स्टेशन पर कुमुदवती नदी और शिवमोग्गा, महिषी और चिकमगलूर जिलों में तुंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से काफी ऊपर है।
कावेरी बेसिन में चिकमगलूर में बेट्टादमने स्टेशन पर हेमावती नदी, कोडागु में मुक्कोडलू स्टेशन पर हरंगी नदी और चामराजनगरा में कोल्लेगल स्टेशन पर कावेरी नदी के कारण निचले इलाकों में बाढ़ आने की आशंका है।
हरंगी नदी को छोड़कर बेसिन क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश के कारण अन्य सभी नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है।
इस बीच चामराजनगर की जिलाधिकारी शिल्पा नाग सी टी ने निचले इलाकों के कई गांवों में बाढ़ की आशंका के मद्देनजर अलर्ट जारी किया है। इसका कारण यह है कि काबिनी और कृष्णराजसागर जलाशयों से कावेरी नदी में 1,70,000 क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा जा रहा है।
परिपत्र में कहा गया है कि प्रभावित लोगों के लिए देखभाल केंद्र और मवेशियों के लिए ऊंचे स्थानों पर छप्पर बनाए गए हैं।
बेंगलुरू स्थित भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के निदेशक सी पी पाटिल ने बताया कि इस मानसून के दौरान कर्नाटक के अधिकांश भागों में हुई मूसलाधार बारिश के कारण राज्य में अब तक 57 प्रतिशत अधिक वर्षा हुई है।
उन्होंने बताया कि आमतौर पर कर्नाटक में जनवरी से जुलाई के बीच 220.9 मिलीमीटर बारिश होती है, लेकिन इस साल 27 जुलाई तक यह आंकड़ा 346.4 मिमी है।
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