देश की खबरें | डीयू शताब्दी: स्टाम्प, सिक्के जारी करने के लिए राष्ट्रपति या प्रधानमंत्री को आमंत्रण की योजना

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली विश्वविद्यालय इस वर्ष एक मई से शुरू हो रहे और एक वर्ष चलने वाले अपने शताब्दी समारोहों की स्मृति में डाक टिकट और सिक्के जारी करने के लिए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद अथवा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को आमंत्रित करने की योजना बना रहा है। सूत्रों ने रविवार को यह जानकारी दी।

नयी दिल्ली, छह मार्च दिल्ली विश्वविद्यालय इस वर्ष एक मई से शुरू हो रहे और एक वर्ष चलने वाले अपने शताब्दी समारोहों की स्मृति में डाक टिकट और सिक्के जारी करने के लिए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद अथवा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को आमंत्रित करने की योजना बना रहा है। सूत्रों ने रविवार को यह जानकारी दी।

सूत्रों में से एक ने कहा, ‘‘चूंकि यह बहुत बड़ी उपलब्धियों से संबंधित समारोह होगा, इसलिए स्मृति डाक टिकट और सिक्के जारी करने के लिए राष्ट्रपति या प्रधानमंत्री को आमंत्रित करने की योजना है। राष्ट्रपति (डीयू) विश्वविद्यालय के विजिटर होते हैं।’’

इस अवसर पर विश्वविद्यालय की योजना स्मृति डाक टिकट, सिक्का और एक कॉफी टेबल बुक जारी करने की है।

डाक टिकट और सिक्का जारी करने का विचार दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर अमरजीव लोचन की देन है। विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय संबंधों के संयुक्त डीन लोचन ने पिछले साल सितम्बर में स्मृति डाक टिकट जारी करने के लिए भारतीय डाक में अर्जी दी थी।

लोचन ने कहा कि डाक टिकट जारी करवाने के लिए दो साल पहले ही आवेदन करना होता है, जबकि दिल्ली विश्वविद्यालय के पास (पिछले वर्ष सितम्बर में आवेदन करने के बाद से) केवल नौ महीने बचे थे, क्योंकि शताब्दी समारोह एक मई से शुरू हो जाएगा।’’

लोचन ने कहा कि उन्हें पता चला कि दो साल पहले आवेदन करने की शर्त में छूट मिल सकती है और इसके लिए उन्होंने संबंधित विभाग को पत्र लिखा, कई अधिकारियों से मुलाकात की और कम से कम 25 बार संबंधित मंत्रालय का दौरा किया था, तब कहीं जाकर इसकी मंजूरी मिली थी।

लोचन को शताब्दी समारोह समिति के सह-संयोजक के तौर पर नियुक्त किया गया है। उन्होंने डाक टिकट जारी कराने के लिए 25 लाख रुपये के आवश्यक भुगतान से भी छूट प्राप्त की।

लोचन ने कहा, ‘‘डाक टिकट जारी कराने के लिए आवश्यक भुगतान 25 लाख रुपये करना होता है, लेकिन मैंने अधिकारियों से इसमें भी छूट देने का अनुरोध किया। इस मांग का कड़ा विरोध हुआ, लेकिन फरवरी के पहले सप्ताह में भुगतान में छूट की मंजूरी मिल गयी थी।’’

दिल्ली विश्वविद्यालय की स्थापना 1922 में हुई थी।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now